जागरण संवाददाता, हरिद्वार: कोर्ट कमिश्नरों ने शनिवार को हरकी पैड़ी और आसपास गंगा घाटों का निरीक्षण कर सफाई आदि व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कुछेक स्थानों पर जहां गंदगी मिली, वहीं तमाम कसरत के बाद भी नाई सोता, सुभाष घाट, कुशावर्त घाट आदि स्थानों पर गंगा में बहते सीवर पर कोर्ट कमिश्नरों की नजर पड़ गई। साक्ष्य के लिए उन्होंने खामियों की फोटोग्राफी भी कराई। कोर्ट कमिश्नरों के निरीक्षण के चलते गंगा घाटों पर कारोबार करने वाले खौफजदा दिखे।

अधिवक्ता ललित मिगलानी की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए नैनीताल हाईकोर्ट ने बीते 31 अगस्त को नगर निगम प्रशासन को 48 घंटे के भीतर हरकी पैड़ी और आसपास क्षेत्रों को अतिक्रमणमुक्त कराने को कहा था। आदेश के अनुपालन में निगम प्रशासन ने संबंधित क्षेत्रों को अतिक्रमणमुक्त कराने के साथ ही कोर्ट में जवाब दाखिल किया। हालांकि कोर्ट इससे संतुष्ट नहीं हुआ। व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए दो कमिश्नर नियुक्त किए। शनिवार दोपहर कोर्ट कमिश्नर चेतन जोशी और निखिल सहगल ने हरकी पैड़ी और आसपास गंगा घाटों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अस्थि प्रवाह घाट के पास वाल्मीकि मंदिर से सटे स्थान पर गंदगी मिली। ब्रह्मकुंड के पास एक तख्त के नीचे जहां पॉलीथिन पाई गई, वहीं महिला घाट पर भी चें¨जग रूम का अभाव दिखा। सुभाष घाट पर जहां सीवर चैंबर चोक मिला वहीं नाई सोता घाट पर नाले के ऊपर से जाली गायब मिली। सुभाष घाट होटल तीर्थ के नीचे सीवर ओवरफ्लो होते मिला। गऊ घाट के नीचे अतिक्रमण तो कुशावर्त घाट पर गंदगी मिली। कुशावर्त घाट पर सीवर ओवरफ्लो होते पाया गया। कोर्ट कमिश्नरों ने जलसंस्थान अनुरक्षण शाखा गंगा के अधिशासी अभियंता अजय कुमार से इस बारे में जानकारी जुटाई। ईई ने नाले टैप होने और सीवर गंगा में न आने की बात कही। कोर्ट कमिश्नरों ने कांगड़ा मंदि, भीमगौड़ा बैराज, सर्वानंद घाट, पावन धाम, प्रेम नगर घाट, पुल जटवाड़ा सीता घाट आदि का भी निरीक्षण किया। रोड़ीबेलवाला मैदान में भी गंदगी मिली। इस दौरान नगर आयुक्त डॉ. ललित नारायण मिश्र, एसपी सिटी ममता वोहरा, गंगा सभा के स्वागत सचिव प्रदीप झा, कर अधीक्षक आरएस रावत, राहुल कैंथोला, सुनीता सक्सेना, अखिलेश शर्मा आदि उपस्थित रहीं।

काश ! हरकी पैड़ी पर रोज आएं कमिश्नर

कोर्ट कमिश्नर के निरीक्षण के चलते हरकी पैड़ी और आसपास घाटों की सफाई व्यवस्था देखते ही बन रही थी। पॉलीथिन, पुराने कपड़े, जूते-चप्पल आदि से हर वक्त अटे रहने वाले गंगा घाटों पर शनिवार को ढूंढे गंदगी नहीं मिल रही थी। फोटोग्राफर, भिखारी से लेकर फेरी वाले घाटों से गायब दिखे। चप्पे-चप्पे पर सफाईकर्मी जहां मुस्तैद दिखे वहीं अधिकारी भी लगातार सफाई व्यवस्थाओं की मॉनीट¨रग करते दिख रहे थे। चाक चौबंद सफाई व्यवस्था देख श्रद्धालु और कारोबारी के मुंह से यही निकल रहा था, काश हरकी पैड़ी पर रोज आएं कमिश्नर।

आरटीआइ कार्यकर्ता को फटकारा

सुभाष घाट स्थित होटल तीर्थ के नीचे बह रहे नाले के निरीक्षण के दौरान आरटीआइ कार्यकर्ता रमेशचंद शर्मा भी मौजूद रहे। वे कोर्ट कमिश्नरों को बार-बार विभागों की कमियां बता रहे थे। इस पर कमिश्नरों ने झुंझलाकर कहा, मुझे अपना काम करने दें। बावजूद इसके वे अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे थे। इस पर कोतवाल चंद्रभान ¨सह ने उन्हें नजदीक जाने से रोका लेकिन वे कोतवाल से ही उलझ पड़े। इस पर पुलिस ने जबरन उन्हें मौके से हटा दिया।

खामियां बताने पर पूर्व पार्षद और ईई में नोकझोंक

हरिद्वार: कुशावर्त घाट के पास सीवर ओवरफ्लो होने पर पूर्व पार्षद कन्हैया खेवड़िया ने कमिश्नरों को अधिकांश समय सीवरेज पं¨पग स्टेशन बंद रहने की जानकारी दी। इस पर जलसंस्थान अनुरक्षण शाखा गंगा के ईई, पूर्व पार्षद पर नाराज हो गए। ईई ने कमिश्नरों को गलत जानकारी देने का आरोप लगाया। बाद में कुछ लोगों के हस्तक्षेप पर दोनों शांत हुए।

अलर्ट दिखे व्यापारी

निरीक्षण के दौरान हरकी आसपास घाटों के व्यापारी अलर्ट दिखे। फजीहत से बचने को कइयों ने दुकानें बंद कर ली। सुभाष घाट क्षेत्र में सन्नाटा पसरा रहा। जो दुकानें खुली थी, वह व्यवस्थित होने के साथ उसकी साफ-सफाई आदि भी दुरुस्त थी। हालांकि निरीक्षण बाद दुकानों के शटर पर धड़ाधड़ उठ गए।

नगर आयुक्त ने पंडित को फटकारा

हरकी पैड़ी के निकट कुशावर्त घाट क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान एक पंडित बार-बार टीम से घाट पर पशुओं के जमावड़े, गंदगी आदि की शिकायतें कर रहा था। इस पर नगर आयुक्त ने उसे फटकारा। कहा नाहक शिकायत कर वे टीम को भ्रमित न करें। टीम को अपना कार्य करने दें।

Posted By: Jagran