जागरण संवाददाता, रुड़की: राष्ट्रीय राजपूत महासभा की ओर से आदर्श नगर में स्थित वेंकेट हॉल में आयोजित राजपूत सम्मेलन में वक्ताओं ने केंद्र सरकार से एससी, एसटी कानून में किए गए संशोधन को वापस लेने की मांग की। साथ ही सर्वोच्च न्यायालय की भावनाओं का सम्मान करने के लिए कहा गया।

रविवार को आयोजित राजपूत महासम्मेलन में महासभा के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर बृजपाल ¨सह पुंडीर ने कहा कि संविधान के अंदर इस बात का उल्लेख है कि बिना जांच-पड़ताल के किसी को दोषी करार नहीं दिया जाए। भले ही सौ गुनाहगार छूट जाए, लेकिन एक भी बेगुनाह जेल न जाए। एससी, एसटी कानून के दुरुपयोग के चलते ही उच्चतम न्यायालय ने पहले जांच फिर गिरफ्तारी की बात कही है। उन्होंने कहा कि आज तमाम राजनैतिक दल सवर्ण जातियों का उत्पीड़न करने पर तुले हुए हैं। सरकार को चाहिए कि वह आर्थिक आधार पर आरक्षण को लागू करे। अखिल भारतीय राजपूत योद्धा परिवार के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पृथ्वी ¨सह ने कहा कि भाजपा समेत अन्य दल जिस तरह से समाज की उपेक्षा कर रहे हैं, यह ठीक नहीं है। कार्यक्रम का संचालन अरविंद राजपूत ने किया। सम्मेलन में स्वराज ¨सह पुंडीर, मधु ¨सह चौहान, ठाकुर विश्वनाथ ¨सह, जिला पंचायत सदस्य बबलू राणा, राष्ट्रीय एकता मंच के अध्यक्ष प्रमोद पुंडीर, ठाकुर वीरेंद्र ¨सह, अमन राणा आदि शामिल रहे।

Posted By: Jagran

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