जागरण संवाददाता, रुड़की: पंजाब में सक्रिय रहे छयमार और बावरिया गिरोह भी पुलिस के रडार पर हैं। पुलिस की टीम इस मामले में पंजाब पुलिस से भी मदद ले रही है। पुलिस डकैती की घटना में अब तक चार बार घटनास्थल पर जाकर क्राइम सीन दोहरा चुकी है। इसके बावजूद पुलिस के हाथ अभी तक कुछ नहीं लग पाया है।

शनिवार की रात करीब दो बजे माजरी गांव में महिपाल के घर 8 से 10 बदमाशों ने लाखों की डकैती डाली थी। लाठी-डंडों से लैस बदमाशों ने घर के लोगों पर लाठी डंडों से हमला कर उन्हें घायल कर दिया था। डकैती का मुकदमा दर्ज करने के बाद से पुलिस बदमाशों की तलाश कर रही है। इस मामले में पुलिस घटना के दो दिन बीत जाने के बाद भी बदमाशों तक नहीं पहुंच पाई है। पुलिस की नजरें अब पंजाब में सक्रिय रहे छयमार और बावरिया गिरोह पर टिकी है। करीब सात माह पहले पंजाब में इस तरह की घटना हुई थी। पुलिस ने वारदात करने वाले गैंग के करीब सात लोगों को गिरफ्तार किया था जबकि आठ से दस बदमाश फरार हो गए थे। पुलिस को आशंका है कि कहीं इसी गैंग ने तो इस तरह की वारदात नहीं की है। इसके चलते ही पुलिस इस गैंग को चिह्नित करने के लिए पंजाब पुलिस के संपर्क में है। पुलिस ने सोमवार को भी घटनास्थल पर जाकर चौथी बार क्राइम सीन दोहराया। साथ ही जंगल में करीब चार किमी अंदर तक कांबिंग की गई। एसपी देहात मणिकांत मिश्रा ने बताया कि पुलिस डकैती डालने वाले गिरोह की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। सोमवार को भी उप्र के कई जिलों में दबिश दी गई।

पुलिस ने की ग्रामीणों के साथ बैठक

माजरी गांव में डकैती की घटना को देखते हुए रुड़की सिविल लाइंस कोतवाली पुलिस ने शहर से दूर गांव जौरासी, बेलड़ा, केल्हनपुर, जलालपुर आदि में रविवार की शाम ग्रामीणों के साथ बैठक की। साथ ही ग्रामीणों को रात के समय पहरा लगाने को कहा, जिससे कि इस तरह की घटना को रोका जा सके। सर्दी के मौसम में इस तरह की वारदात की आशंका बनी रहती है। सिविल लाइंस कोतवाली के एसएसआइ अभिनव शर्मा ने बताया कि लोगों को सतर्क किया जा रहा है।

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