जागरण संवाददाता, हरिद्वार: कोरोना काल के निराशाजनक दो वर्ष के बाद चरम पर चल रही चारधाम यात्रा के लिए हरिद्वार में यात्री बसों की कमी होने लगी है। इसके कारण तीर्थयात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पंजीकरण के बावजूद कई बार उन्हें वाहन नहीं मिल पा रहे हैं। श्रद्धालुओं की परेशानी को देखते हुए हरिद्वार के ट्रैवल व्यवसायियों ने सरकार से मदद मांगी है।

शुक्रवार को प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता के दौरान हरिद्वार के ट्रैवल व्यवसायी गोपाल प्रधान व धर्मेंद्र कौशिक ने बताया कि ऋषिकेश स्थित संयुक्त रोटेशन यातायात व्यवस्था समिति से बसें नहीं मिल पाने के कारण चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालु बड़ी संख्या में हरिद्वार में फंसे हैं। रोड़ी बेलवाला, पंतदीप, गड्ढा पार्किंग में खुले में वह बसों का इंतजार कर रहे हैं। बसें मिलने की इंतजार में उनका पैसा खत्म होने पर कई यात्री वापस भी लौट रहे हैं। गोपाल प्रधान ने कहा कि इस संबंध में सिटी मजिस्ट्रेट व एआरटीओ को अवगत कराने पर उन्होंने सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन दो दिन बीतने के बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ। मुख्यमंत्री से समस्या का जल्द समाधान करने की मांग करते हुए धर्मेंद्र कौशिक ने बताया कि चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण भी बंद कर दिया गया है। इससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आरोप लगाया कि पंजीकरण नहीं होने और बस नहीं मिलने से यात्री शोषण का शिकार रहे हैं। प्रेसवार्ता में 100 यात्रियों के जत्थे के साथ चारधाम यात्रा पर जाने के लिए राजस्थान से आए शिवराज गुर्जर ने बताया कि बस नहीं मिलने की वजह से सभी आठ दिन से हरिद्वार में ही रुके हुए हैं। खाने व ठहरने पर भारी खर्च करना पड़ रहा है, जिससे उनका पूरा बजट बिगड़ गया है।

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