जागरण संवाददाता, हरिद्वार: खुद को 2018 बैच का आइपीएस अधिकारी बताकर पुलिस से गेस्ट हाउस में कमरा और साथ में चलने के लिए कांस्टेबल की डिमांड कर रहे एक नटवरलाल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपित ने पुलिस पर रौब गालिब करने का भी पूरा प्रयास किया, लेकिन सीओ सिटी अभय प्रताप सिंह को उसकी बातों पर शक हो गया। आइडी मांगने और पूछताछ करने पर वह पुलिस की पकड़ में आ गया।

एसपी सिटी कमलेश उपाध्याय ने बताया कि एक व्यक्ति ने सीओ सिटी अभय प्रताप सिंह के मोबाइल पर फोन कर बताया कि वह 2018 बैच का आइपीएस अधिकारी है और अपनी दोस्त के साथ हरिद्वार घूमने आया है। उसका कहना था कि पुलिस उसके लिए एक अच्छे गेस्ट हाउस में कमरे का इंतजाम करे और साथ चलने के लिए कांस्टेबल भी मुहैया कराए। बातचीत में शक होने पर सीओ सिटी अभय प्रताप सिंह ने शहर कोतवाल राकेंद्र कठैत के नेतृत्व में टीम बनाकर जानकारी जुटाई। तब पता चला कि 2018 बैच में इस नाम का कोई आइपीएस अफसर नहीं है। मजेदार बात यह है कि अपनी कुंडली खंगाले जाने से अंजान आरोपित खुद चलकर शहर कोतवाली पहुंच गया और एसएसआइ अरविद रतूड़ी पर रौब गालिब करने लगा। पुलिस ने उसे कार्यालय में बैठाकर आइडी मांगी तो वह बगले झांकने लगा। भेद खुलने पर उसने अपना नाम सागर वाघमारे निवासी फ्लैट नंबर 302, दत्तात्रेय कांप्लेक्स, सी विग, थाना निरूल, जिला ठाणे नवी मुंबई, महाराष्ट्र बताया। अपना कारनामा कुबूल करते हुए उसने बताया कि वह यूपीएससी की तैयारी कर रहा है। साथ ही लॉ की पढ़ाई भी कर रहा है। एसपी सिटी कमलेश उपाध्याय ने बताया कि आरोपित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। गुरुवार की सुबह उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस टीम में सीओ सिटी अभय प्रताप सिंह, एएसपी सदर विशाखा अशोक, शहर कोतवाल राकेंद्र कठैत, एसएसआइ अरविद रतूड़ी, सिपाही शशिकांत त्यागी व राजेश सेमल्टी शामिल रहे। दो दिन पहले आया था उत्तराखंड

हरिद्वार: आरोपित ने पूछताछ में बताया कि वह अपनी महिला मित्र के साथ दो दिन पहले उत्तराखंड आया था। वहीं, पुलिस मानकर चल रही है कि हरिद्वार के अलावा भी उसने खुद को आइपीएस बताकर सुविधाएं ली होंगी। शहर कोतवाल राकेंद्र कठैत ने बताया कि इस बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

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