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अंकिता भंडारी केस: सुरेश-उर्मिला ऑडियो जांच में SIT के हाथ खाली, CBI को मिली सिर्फ ढाई मिनट की क्लिप

Published: Tue, 20 Oct 2026 10:20 PM (IST)

अंकिता भंडारी मामले में कथित वीआईपी की भूमिका से जुड़ी सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर की ऑडियो क्लिप जांच में एसआईटी विफल रही है।

फाइल- अंकिता भंडारी मामले को लेकर विरोध।

फाइल- अंकिता भंडारी मामले को लेकर विरोध।

HighLights

  1. एसआईटी जांच में सुरेश-उर्मिला ऑडियो क्लिप का नतीजा शून्य।

  2. सीबीआई को मिली सिर्फ ढाई मिनट की ऑडियो रिकॉर्डिंग।

  3. उर्मिला सनावर ने नार्को टेस्ट की पेशकश की।

जागरण संवाददाता, हरिद्वार। अंकिता भंडारी मामले में कथित वीआइपी की भूमिका को लेकर पूर्व विधायक सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर की बातचीत की ऑडियो क्लिप पर मचे बवाल के बाद चार मुकदमे दर्ज हुए। एसआइटी गठित हुई। कैमरों की निगरानी में दोनों से अलग-अलग घंटों पूछताछ हुई। दोनों से लगभग 400 सवाल पूछे गए, लेकिन नतीजा शून्य रहा।

हाल ये है कि फिलहाल इस प्रकरण की जांच कर रही सीबीआइ को केवल ढाई मिनट की ऑडियो मिल सकी है। जबकि एसआइटी 10 महीने पहले सुरेश व उर्मिला के मोबाइल फोन कब्जे में लेकर 48 मिनट की ऑडियो प्राप्त कर चुकी थी। ये दावा खुद उर्मिला सनावर ने सीबीआइ की पूछताछ के बाद किया है। सीबीआइ जल्द ही सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर को दिल्ली बुलाकर पूछताछ करेगी।

नार्को टेस्ट की अनुमति तक नहीं

बीते जनवरी में सीबीआई जांच की संस्तुति के बाद एसआइटी ने सुरेश राठौर और उर्मिला की बातचीत से जुड़ी ऑडियो क्लिप को लेकर वैज्ञानिक तरीके से जांच आगे बढ़ाने का दावा किया था। पहले दिन उर्मिला ने एसआइटी के सामने अपने आरोपों को दोहराते हुए इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रही आडियो क्लिप को पूर्व विधायक सुरेश राठौर से बातचीत की रिकार्डिंग बताया।

जबकि अगले दिन सुरेश राठौर ने एसआइटी के सामने पेश होकर साजिश का आरोप लगाया था। सच्चाई जानने के लिए दोनों का नार्को टेस्ट कराया जाना था। लेकिन एसआइटी 10 महीने बाद भी कोर्ट से नार्को टेस्ट की अनुमति नहीं ले सकी।

उर्मिला ने खुद की पेशकश

उर्मिला सनावर ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उन्होंने खुद सीबीआइ से उनका और सुरेश राठौर का नार्को टेस्ट कराने की पेशकश की है। इस संबंध में हस्ताक्षर युक्त पत्र भी सीबीआइ को दिया है।

उर्मिला सनावर ने यह भी बताया कि उनकी बातचीत से जुड़ी 48 मिनट की रिकार्डिंग इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुई थी। मगर सीबीआइ को सिर्फ ढाई मिनट की रिकॉर्डिंग मिली है। इसलिए वह खुद दिल्ली जाकर बाकी रिकार्डिंग कब्जे में लेने की बात करेंगी।

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