हरिद्वार स्वागत के लिए तैयार, धर्म-कर्म-न्याय और सियासत को धार देंगे अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह हरिद्वार में धामी सरकार के चार साल पूरे होने पर एक महत्वपूर्ण रैली कर रहे ...और पढ़ें

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की रैली कई मामलों में महत्वपूर्ण होने जा रही है।

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शैलेंद्र गोदियाल, हरिद्वार। उत्तराखंड में पुष्कर सिंह धामी सरकार के चार वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आज शनिवार को धर्मनगरी हरिद्वार में आयोजित होने जा रही केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की रैली कई मामलों में महत्वपूर्ण होने जा रही है।
धर्मनगरी से धर्म-अध्यात्म के साथ, देश में डेढ़ वर्ष पहले लागू हुई नूतन न्याय संहिता से जगी न्याय की उम्मीद, डबल इंजन की सरकार से उत्तराखंड में हुए विकास के जरिए सियासत को भी साधने की जुगत होगी। इसलिए इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के जरिए राज्य के विकास को धार देने के साथ और 2027 के विधानसभा चुनावी बिगुल के रूप में देखा जा रहा है।
बैरागी द्वीप क्षेत्र में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर प्रशासन और भाजपा में खासा उत्साह है। बड़ी संख्या में जनसमूह के जुटने की संभावना के बीच यह रैली राज्य सरकार की उपलब्धियों के प्रदर्शन का भी मंच बनेगी। इसके लिए जनसभा स्थल के निकट केंद्र सरकार की योजनाओं, राज्य सरकार के विकास कार्यों और भविष्य की विकास रणनीतियों को 3डी प्रदर्शनी के जरिये प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
इस कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण आकर्षण नूतन न्याय संहिता पर आधारित राज्य स्तरीय प्रदर्शनी भी होगी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इसका उद्घाटन करेंगे। इस प्रदर्शनी को ‘‘न्याय संहिता का यही आधार न्याय है जन-जन का अधिकार’’ के संदेश को केंद्र में रखकर तैयार की गई है। प्रदर्शनी में देश में लागू की गई नई आपराधिक न्याय प्रणाली की अवधारणा को आमजन तक पहुंचाने का प्रयास होगा। यह प्रदर्शनी 9 मार्च तक संचालित होगी।
तीन प्रमुख अधिनियम लागू
गौरतलब है कि मोदी सरकार ने 1 जुलाई 2024 से पूरे देश में 150 वर्ष पुराने औपनिवेशिक कानूनों को समाप्त कर नई आपराधिक न्याय व्यवस्था लागू की है। इसके अंतर्गत तीन प्रमुख अधिनियम लागू किए गए हैं। जिनमें भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम हैं। इन कानूनों का उद्देश्य न्याय प्रणाली को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और पीड़ित-केंद्रित बनाया गया है।
प्रदर्शनी में न्याय प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न चरणों और संस्थागत व्यवस्थाओं को दर्शाया जाएगा है। इसमें घटना स्थल से साक्ष्य संकलन, मेडिको-लीगल रिपोर्टिंग कक्ष, पुलिस द्वारा सीसीटीएनएस प्रणाली के माध्यम से सूचना आदान-प्रदान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट की प्रक्रिया, फोरेंसिक मेडिसिन एवं विष विज्ञान विभाग की भूमिका तथा विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं में होने वाली वैज्ञानिक जांच को प्रदर्शित जाएगा। इसके साथ ही फोरेंसिक जांच-न्यायपरक विज्ञान ही विधि का विधान” की अवधारणा को भी व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाने का प्रयास होगा।
प्रदर्शनी में लोक अभियोजन कार्यालय, जिला अभियोजन निदेशालय, वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत और जेल बैरकों के बीच होने वाली सुनवाई तथा आधुनिक न्यायिक प्रक्रियाओं को भी दर्शाया जाएगा। जिससे आम नागरिकों को यह समझने में सहायता मिल सके कि नई न्याय व्यवस्था किस प्रकार त्वरित और सुलभ न्याय की दिशा में कदम बढ़ा रही है। इसके अतिरिक्त केंद्रीय गृह मंत्री राज्य सरकार की ओर से आयोजित विकास प्रदर्शनी का भी उद्घाटन और अवलोकन करेंगे। इस प्रदर्शनी में उत्तराखंड सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं, आधारभूत संरचना परियोजनाओं, निवेश, पर्यटन, कृषि और रोजगार से जुड़े प्रयासों को प्रदर्शित किया जाएगा।
