जागरण संवाददाता, हरिद्वार: हरकी पैड़ी से होकर गुजरने वाली जलधारा को स्कैप चैनल घोषित करने वाले शासनादेश पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने माफी मांगी है। उन्होंने बड़ा अखाड़ा में संतों और गंगा सभा पदाधिकारियों को एक पत्र सौंपकर शासनादेश रद करने की मांग को समर्थन दिया। पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा भी किया कि मौजूदा भाजपा सरकार इस शासनादेश को रद नहीं करती है तो वर्ष 2022 में कांग्रेस सरकार बनने पर वह खुद इसे रद कराएंगे।

सप्तऋषि से निकलकर हरकी पैड़ी होते हुए कनखल जाने वाली गंगा की जलधारा को वर्ष 2016 में स्कैप चैनल घोषित करने का मुद्दा धर्मनगरी में इन दिनों गर्माया हुआ है। बड़ा अखाड़ा के प्रबंधक महंत दुर्गादास की मुहिम को अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के साथ-साथ पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के सचिव श्रीमहंत रविद्र पुरी सहित कई संतों ने समर्थन दिया है। हरिद्वार के संत गंगा को स्कैप चैनल बताने वाले शासनादेश को सनातन धर्मावलंबियों की आस्था का अपमान बताते हुए एक स्वर में रद करने की मांग सरकार से कर रहे हैं। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत के साथ-साथ तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत भी उनके निशाने पर थे। कनखल के बड़ा अखाड़ा में संतों और श्री गंगा सभा पदाधिकारियों के साथ मुलाकात में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश को देखते हुए गंगा किनारे बने करीब 300 भवनों को बचाने के लिए उनकी सरकार ने हरिद्वारवासियों के हित में स्कैप चैनल का शासनादेश जारी कराया था। इससे किसी की भावनाओं को ठेस पहुंची तो है तो वह क्षमा चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 में परिस्थितियां अलग थी, अब परिस्थितियां अलग हैं। इसलिए सरकार को अविलंब इस शासनादेश को रद्द करना चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के साथ पूर्व कैबिनेट मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी भी शामिल रहे। इस बैठक में बड़ा अखाड़ा के प्रबंधक व कुंभ मेलाधिकारी श्रीमहंत दुर्गादास, श्री गंगा सभा के अध्यक्ष प्रदीप झा, पूर्व पालिकाध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी, पुरुषोत्तम शर्मा, मनीष कर्णवाल, अरविद शर्मा आदि शामिल रहे।

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तकनीकी नाम देकर बचाए सैकड़ों भवन

हरिद्वार: पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अखाड़ा परिषद और श्री गंगा सभा के नाम दिए गए पत्र में कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के तहत नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने गंगा के 200 मीटर तक के दायरे में आए निर्माण कार्यों को तोड़ने के आदेश राज्य सरकार को दिए थे। इस आदेश से सबसे ज्यादा भवन हरिद्वार में ध्वस्त होते। पूर्व सीएम ने लिखा है कि हरिद्वार में ध्वस्तीकरण के लिए चिह्नित हुए भवनों के मालिकों ने उनसे मिलकर बचाव का रास्ता निकालने का आग्रह किया था। इसलिए सैकड़ों भवनों को ध्वस्तीकरण से बचाने के लिए स्कैप चैनल का तकनीकी नाम दिया गया था। जिससे ध्वस्तीकरण तो रुक गया, लेकिन एक भावनात्मक गलती हो गई। स्वभाविक है कि मां गंगा जिस रूप में जहां हैं, वह गंगा है। हरकी पैड़ी पर मां गंगा अपने पूर्ण स्वरूप में प्रवाहमान है। उन्होंने कहा कि सरकारों के निर्णय को आने वाली सरकारें बदलती रहती हैं। यदि आज की सरकार, हमारी सरकार के निर्णय को बदलती है तो मुझे खुशी होगी।

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कुंभ के निर्माण कार्यों पर डाली नजर

हरिद्वार: पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कनखल के दरिद्र भंजन मंदिर में अभिषेक भी किया। साथ ही, शंकराचार्य चौक से गुजरने के दौरान उन्होंने डामकोठी के आस पास कुंभ से जुड़े निर्माण कार्यों पर भी नजर डाली। इस दौरान मनीष कर्णवाल, महेंद्र अरोड़ा, तरुण व्यास, रवि बहादुर, नितिन तेश्वर, दीपक पांडेय, आकाश भाटी आदि शामिल रहे। राजस्थान में भाजपा की साजिश का भंडाफोड़: रावत

हरिद्वार: पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने राजस्थान के सियासी घटनाक्रम को भाजपा की साजिश करार दिया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि भाजपा में लोकतांत्रिक सहनशीलता का अभाव है। भाजपा के नेता बनी-बनाई सरकारों को गिराना और अस्थिर करने में ज्यादा विश्वास रखते हैं। पूर्व सीएम रावत ने कहा कि राजस्थान में कांग्रेस सरकार स्थिर है। यह कांग्रेस की अंर्तकलह नहीं है, भाजपा की साजिश थी, लेकिन समय पर उसका भंडाफोड़ हो गया। पायलट मामले में उन्होंने कहा कि यह परिवार का मामला है। अशोक गहलोत बहुत विवेकशील व्यक्ति हैं। सबको साथ लेकर चलने वाले हैं। सचिन पायलट भी विवेकशील, होनहार नौजवान हैं। समस्या का समाधान करीब-करीब निकल गया है। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस के सिपाही हैं और सिपाही को हर समय मुस्तैद रहना चाहिए। हाईकमान जैसा आदेश करेगा, उसका पालन किया जाएगा।

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ओली को चीन ने दिया होगा दस्तावेज

हरिद्वार: भगवान राम और अयोध्या को लेकर नेपाल के प्रधानमंत्री के बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने चुटकी लेते हुए कहा कि चीन ने कोई दस्तावेज अपनी फैक्ट्री में बनाकर नेपाल को दे दिया होगा। दुनिया जानती है अयोध्या कहां है। उन्होंने कहा कि यदि अयोध्या भी सिद्ध करना पड़ेगा, राम की जन्मभूमि भी सिद्ध करनी पड़ेगी, दुनिया के अंदर कोई यथार्थ कायम नहीं रहेगा।

Posted By: Jagran

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