जागरण संवाददाता, हरिद्वार: वर्ष 2010 कुंभ के बाद रेलवे रोड से हटाए गए खोखाधारकों को वेंडिग जोन में दुकान दिलाई जाएंगी। इस संदर्भ में सोमवार को लघु व्यापारी सेवा समिति के अध्यक्ष चोखेलाल ने कुंभ मेलाधिकारी दीपक रावत से की मुलाकात कर उनसे खोखाधारकों को दुकान दिलाए जाने की मांग की।

उच्चतम न्यायालय ने वर्ष 2012 और वर्ष 2015 में अपने आदेश में इन्हें रेलवे रोड से हटाए जाने पर अन्यत्र दुकानें दिए जाने के आदेश दिए थे। लघु व्यापारी सेवा समिति के प्रत्यावेदन पर कुंभ मेलाधिकारी दीपक रावत ने नगर आयुक्त जयभारत से बातचीत कर रेलवे रोड पर अब भी खोखा चला रहे 15 व्यापारियों को डाउन वेंडिंग कमेटी की बैठक में चर्चा कर उन्हें तत्काल प्रभाव से दुकानें दिलाने और बाकी खोखाधारकों को इसके लिए अलग से प्रार्थना पत्र देने के निर्देश दिए।

लघु व्यापारी सेवा समिति के अध्यक्ष चोखेलाल ने बताया कि रेलवे रोड पर स्थापित खोखाधारकों को उच्चतम न्यायालय ने बिना कोई वैकल्पिक व्यवस्था के नहीं हटाने के आदेश दिए थे पर, प्रशासन ने इसकी अवहेलना करते हुए 2010 में उन्हें बलपूर्वक हटा दिया। बाद में उच्चतम न्यायालय ने अवमानना वाद में प्रशासन और नगर निगम को दो-दो बार खोखाधारकों को वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराने के आदेश दिए पर, उन पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। कहा कि तमाम खोखाधारकों की स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई और उन्हें खाने के लाले हैं। नगर निगम ने उनसे जगह आवंटित करने के पैसे भी लिए पर, अभी तक जगह भी आवंटित नहीं की। इस बारे में पूछे जाने पर कुंभ मेलाधिकारी दीपक रावत ने बताया कि समिति की ओर से उन्हें प्रत्यावेदन दिया गया था, उन्होंने परीक्षण में पाया कि फिलवक्त 15 खोखाधारक ही रेलवे रोड पर स्थापित हैं, जबकि अन्य ने अलग-अलग जगहों पर अपना ठिकाना कर लिया है। इसलिए टाउन वेंडिग जोन कमेटी के तहत इन्हें प्राथमिकता के आधार पर वेंडिग जोन दुकान आवंटित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। अन्य को अलग प्रार्थना पत्र देने को कहा गया है।

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस