यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 24, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
ऑटोमेटेड सर्वे से जांचेंगे सड़क की गुणवत्ता
जागरण संवाददाता, रुड़की: सीएसआइआर-केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीआरआरआइ) के वैज्ञानिकों की टीम सड़को

जागरण संवाददाता, रुड़की: सीएसआइआर-केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीआरआरआइ) के वैज्ञानिकों की टीम सड़कों की गुणवत्ता का सर्वे करने के लिए मंगलवार को दिल्ली से रुड़की पहुंची। टीम की ओर से देहरादून तक सर्वे का कार्य किया जाएगा।
सीआरआरआइ के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. रवींद्र कुमार ने बताया कि ऑटोमेटेड रोड सर्वे सिस्टम के जरिये उनकी टीम सड़कों की गुणवत्ता के सर्वे का कार्य कर रही है। इसके तहत वाहन के आगे लेजर प्रोफाइलो मीटर लगाया गया है। इसके माध्यम से यह पता लगाया जा रहा है कि सड़क अच्छी है, सामान्य है या फिर खराब है। उनके अनुसार वाहन के भीतर डेटा लागर्स लगा है। वहीं किए जा रहे सर्वेक्षण को सिस्टम के जरिये गाड़ी में बैठकर ऑनलाइन भी देखा जा सकता है। उनके अनुसार सड़कों की सही स्थिति का पता लगाने के लिए यह टेक्नोलॉजी काफी कारगर है। वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक डॉ. पूर्णिमा परिडा ने बताया कि सड़कें यदि अच्छी स्थिति में होंगी तो इससे ईंधन की खपत को भी कम किया जा सकता है। कहा कि सड़क खराब होने पर वाहन चालक ब्रेक, क्लच आदि का अधिक प्रयोग करते हैं, जिससे ईंधन अधिक मात्रा में खर्च होता है। उन्होंने बताया कि राजनगर एक्सटेंशन गाजियाबाद से यह सर्वे प्रारंभ किया गया है। देहरादून तक यह सर्वे किया जाएगा। उनकी टीम में प्रधान वैज्ञानिक प्रदीप कुमार, सुभाष कुमार और सुनील कुमार शामिल हैं।