यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 06, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
कमजोर नजर वाले चालक दौड़ा रहे वाहन
संवाद सहयोगी, हरिद्वार: सड़क हादसे रोकने के लिए समय-समय पर बड़े-बड़े दावे तो किए जाते हैं, लेकिन सोमवार

संवाद सहयोगी, हरिद्वार: सड़क हादसे रोकने के लिए समय-समय पर बड़े-बड़े दावे तो किए जाते हैं, लेकिन सोमवार को हरिद्वार में हुए चालकों के आइ टेस्ट कैंप में जो खुलासा हुआ वह डराने वाला है। कैंप में पता चला कि सड़कों पर कमजोर व बीमार आंख वाले चालक वाहन दौड़ा रहे हैं। यानि साफ है कि यह खुद की जान के साथ-साथ दूसरों की जान से भी खिलवाड़ कर रहे हैं।
उत्तराखंड पुलिस की ओर से जनसहभागिता अभियान के तहत चालकों की आई चेकअप कैंप लगाया। इसमें आटो, विक्रम, टैक्सी सहित दो पहिया वाहन चालकों की आंखों का परीक्षण कराया। रानीपुर मोड़ स्थित विशाल आइ आप्टिकल पर लगाए शिविर में करीब 350 चालक-परिचालकों की आंखों की जांच की गई। डॉ. विशाल गर्ग ने बताया कि इस शिविर में 20 चालकों में मोतिया¨बद की शिकायत मिली, जबकि 40 की नजर कमजोर मिली। कमजोर नजर वालों को उससे संबंधित चश्मा व उपचार की भी सलाह दी गई। जांच कराने पहुंचे चालक गजराज, सुमित, संजीव, अनीफ, अरशद, कुलदीप, यशवंत आदि का कहना है कि यह मुहिम बेहतर है। इससे चालकों में जागरूकता आएगी, जिससे दुर्घटनाओं के ग्राफ में भी कमी आएगी। जांच करने वाली टीम में डॉ. विशाल गर्ग, डॉ. रवि, डॉ.आशीष कुमार, रामबाबू कंसल, विक्रम ¨सह, विवेक गर्ग आदि शामिल थे।
चालकों को रखना होगा स्वास्थ्य कार्ड
एसएसपी कृष्ण कुमार वीके ने बताया कि शिविर में चालकों के आंखों की जांच कराई गई। डॉक्टरों के परामर्श के अनुसार उनको मोतिया¨बद व अन्य बीमारियों से बचने के लिए योग्य डॉक्टर से इलाज व ऑपरेशन कराने को कहा गया है। बताया कि चालकों को अब लाइसेंस के साथ ही स्वास्थ्य कार्ड भी अनिवार्य रूप से रखना होगा। स्वास्थ्य कार्ड नहीं होगा तो उनका चालान भी काटा जाएगा।
