जागरण संवाददाता, हरिद्वार: गंगा को मैला कर रही 125 धर्मशालाओं, होटलों और आश्रमों पर अब चाबुक चल सकता है। इन पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) और हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई की सूरत बनती नजर आ रही है। जल निगम और जल संस्थान ने इस मामले में जिला प्रशासन के स्तर पर गठित समिति को स्टेट्स रिपोर्ट सौंप दी है।

उल्लेखनीय है कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) ने सर्वे कर ऐसे प्रतिष्ठानों को चिह्नित किया था, जिन्होंने एनजीटी के आदेशों के अनुरूप सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) नहीं लगाए थे। इनकी गंदगी सीधे गंगा में समा रही है। इस श्रेणी में आने वाले 20 या इसे अधिक कमरों वाले होटल और धर्मशालाओं पर कार्रवाई के लिए गठित समिति ने जल निगम और जल संस्थान से स्टेटस रिपोर्ट मांगी गई थी। एक रोज पहले समिति को यह रिपोर्ट मिल गई। सूत्रों के अनुसार स्टेटस रिपोर्ट में शिकायतें सही पाए जाने का उल्लेख है।

प्रशासन ने नहीं की थी कार्रवाई

एनजीटी को भेजी गई रिपोर्ट पर स्थानीय प्रशासन ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं कीनजीटी की फटकार और हाईकोर्ट से मिले निर्देश के बाद प्रशासन ने नगर आयुक्त के निर्देशन में प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड, गंगा अनुरक्षण इकाई, नगर निगम की एक साझा कमेटी बनाई। इसी कमेटी ने स्टेटस रिपोर्ट तलब की थी।

नगर आयुक्त अशोक पांडेय ने स्टेट्स रिपोर्ट मिलने की पुष्टि की। बताया कि 6 या 7 मार्च को समिति की बैठक कर एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस