संवाद सहयोगी, हरिद्वार: चिकित्सा प्रणाली एवं योग-आयुर्वेद पर चल रहे रिसर्च कार्यों को समझने के लिए मंगलवार को राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी की सचिव ओमिता पॉल पतंजलि योगपीठ पहुंची। उन्होंने बाबा रामदेव महाराज एवं आचार्य बालकृष्ण महाराज के साथ मुलाकात कर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। ओमिता पॉल प्रदेश के राज्यपाल केके पॉल की धर्मपत्नी हैं।

महंगी आधुनिक चिकित्सा पर चिंता व्यक्त करते हुए राष्ट्रपति की सचिव ओमिता पॉल ने कहा कि लाख प्रयास के बावजूद आज देश में एक बड़ी जनसंख्या ऐसी है, जो स्वास्थ्य की बुनियादी जरूरतों से वंचित है। उन्होंने पतंजलि योगपीठ के योग-आयुर्वेद आधारित स्वास्थ्य आंदोलन को देश के ऐसे करोड़ों लोगों के लिए वरदान बताया। उन्होंने पतंजलि योगपीठ की ओर से उत्तराखंड सहित देश भर के वनौषधियों से भरपूर क्षेत्रों को चिह्नित करने, वहां से महत्वपूर्ण आयुर्वेद सम्मत वनस्पतियों की पहचान कराने और देश की गरीब जनता को इसके औषधीय लाभों से जोड़ने की प्रशिक्षण श्रृंखला चलाने की इच्छा व्यक्त की।

खुशी जताई

उत्तराखंड के राज्यपाल डॉ. केके पॉल की धर्मपत्नी पतंजलि योगपीठ ने असम में चिरांग जिले के बोडोलैंड क्षेत्रों के संपूर्ण उत्थान से जुडे़ दो हजार बीघा जमीन पर पतंजलि गौशाला एवं पंचगव्य अनुसंधान केंद्र स्थापना पर खुशी जताई।