जागरण संवाददाता, देहरादून: उत्तराखंड कार्मिक, शिक्षक, आउटसोर्स संयुक्त मोर्चा ने जनजागरण अभियान शुरू कर दिया है। सोमवार को प्रदेश भर में विभिन्न विभागों के कार्यालयों में गेट मीटिंग की गई और कर्मचारी सरकार पर खूब बरसे। 18 मई को मोर्चे के बैनर तले जिला मुख्यालयों में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

बता दें कि इस मोर्चे में राजकीय विभागों, शिक्षक, सार्वजनिक निगम, निकाय, उपक्रम, स्वायत्तशासी संस्थाओं और आउटसोर्स के 20 से अधिक संगठन शामिल हैं। एक मई को मोर्चे का गठन हुआ था और इसके बाद 11 सूत्रीय मांग पत्र तैयार किया गया है। सोमवार को राजधानी में वन विकास निगम मुख्यालय में सभी संगठनों के पदाधिकारी एकत्र हुए। मोर्चे के मुख्य संयोजक ठाकुर प्रह्लाद सिंह ने कहा कि मुख्य उद्देश्य सरकार और शासन के साथ वार्ता कर कर्मचारियों की समस्याओं का निदान कराना है। लेकिन, अगर मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो मोर्चा आंदोलन के लिए कोई भी निर्णय ले सकता है। क्योंकि, सरकार के रवैये से कर्मचारियों को भारी आर्थिक हानि उठानी पड़ रही है। इससे आक्रोश बढ़ रहा है। संयोजक सचिव रवि पचौरी ने बताया कि संयोजक मंडल में भूपेंद्र रावत, नाम बहादुर क्षेत्री, हरदेव सिंह, इंद्रमोहन कोठारी, डीएस असवाल, एसपी पंत, वीरेंद्र सिंह रावत को भी शामिल किया गया है। मंगलवार को विकास भवन में गेट मीटिंग होगी। इस दौरान बनवारी सिंह रावत, सूर्यप्रकाश राणाकोटी, इंसारुल हक, भावेश जगूड़ी, गोविंद सिंह नेगी, दीपक जोशी, संतोष रावत, बीएस रावत, प्रवीन रावत, राजेंद्र रावत, दिनेश गुसाई, चौधरी ओमवीर सिंह, हरदेव सिंह रावत, सुनील पुंडीर, गिरीश नैथानी आदि मौजूद रहे। प्रमुख मांगें

- राज्य, निगम, निकाय कर्मचारी और शिक्षकों को पदोन्नत वेतनमान 10, 16, 26 वर्ष की सेवा पर मिले।

- बिजली कार्मिकों को पदोन्नत वेतनमान 9, 14, 19 वर्ष की सेवा पर मिले।

- चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को पदोन्नत वेतनमान में 4200 ग्रेड पे मिले।

- पुरानी पेंशन नीति को ही बहाल किया जाए।

- सातवें वेतनमान की संस्तुति के आधार पर समस्त भत्तों और डीए का एरियर के साथ मिले।

- यू-हेल्थ स्मार्ट कार्ड का लाभ सभी कर्मचारियों, शिक्षकों, निगम-निकाय कर्मचारियों, प्राधिकरण, आउटसोर्स कर्मचारियों को एक समान रूप से मिले।

- जिला पंचायत कार्मिकों को राज्य कर्मचारी घोषित किया जाए।

- 50 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी महिला कार्मिकों को स्थानांतरण नियमावली से अलग किया जाए।

- उपनल समेत तमाम आउटसोर्स कर्मचारियों को पदों के सापेक्ष नियमित किया जाए। तब तक समान कार्य के लिए समान वेतन मिले।

- कर्मचारियों और शिक्षकों को सेवाकाल में तीन पदोन्नतियां दी जाएं।

- मुख्य सचिव की अध्यक्षता में वेतन विसंगतियों का निस्तारण हो।

Posted By: Jagran

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