यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 01, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
उत्तराखंड में वन्यजीव संरक्षण से जुड़ेंगे 13 हजार ईको क्लब, भावी पीढ़ी बनेगी संवेदनशील
Wild Animal Week एक अक्टूबर से शुरू होने वाले वन्य प्राणी सप्ताह के दौरान प्रदेशभर के स्कूल-कालेजों में गठित 13 ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, देहरादून। Wild Animal Week भावी पीढ़ी को अगर बचपन से ही वन और वन्यजीवों के महत्व के बारे में बताया जाएगा तो आगे जाकर वे इसके प्रति अधिक संवेदनशील बनेंगे। साथ ही संरक्षण की मुहिम में जनजागरूकता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। वन महकमे की समझ में भी यह बात आ गई है। इसे देखते हुए उसने एक अक्टूबर से शुरू होने वाले वन्य प्राणी सप्ताह के दौरान प्रदेशभर के स्कूल-कालेजों में गठित 13 हजार ईको क्लब से जुड़े विद्यार्थियों को वन और वन्यजीव संरक्षण की मुहिम से जोड़ने का निश्चय किया है। इस संबंध में वन मुख्यालय ने सभी वन संरक्षकों को निर्देश भी जारी कर दिए हैं।
पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील उत्तराखंड के लगभग सभी स्कूल-कालेजों में ईको क्लब अवश्य गठित हैं, मगर इनकी सक्रियता उस हिसाब से नहीं दिखती, जैसी होनी चाहिए। इसी के मद्देनजर वन विभाग ने विद्यार्थियों को पर्यावरण के साथ ही वन और वन्यजीव संरक्षण का पाठ पढ़ाने और संरक्षण की मुहिम में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने की ठानी है। इससे ईको क्लब भी सक्रिय होंगे। वन विभाग के मुखिया प्रमुख मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) राजीव भरतरी के अनुसार इस बार यह तय किया गया है कि वन्यप्राणी सप्ताह के दौरान होने वाले कार्यक्रमों से ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थी जुड़ें। इसी के हिसाब से तैयारियां की जा रही हैं।
पीसीसीएफ भरतरी के मुताबिक वन्यप्राणी सप्ताह में विद्यार्थियों को प्रकृति और पर्यावरण के संरक्षण में वन एवं वन्यजीवों के महत्व से रूबरू कराया जाएगा। इसके तहत उन्हें पुस्तकें, आडियो-विजुअल पाठ्य सामग्री आदि का वितरण किया जाएगा। इस कार्य में स्वयंसेवी संस्थाओं का सहयोग लिया जा रहा है।
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उन्होंने बताया कि देहरादून शहर में ही 30 ईको क्लब को साथ लेकर विभिन्न गतिविधियां संचालित की जाएंगी। विद्यार्थियों को करीब सात हजार रुपये तक की सामग्री वितरित की जाएगी। साथ ही उनके बीच वन एवं वन्यजीव संरक्षण से जुड़े विषयों पर चर्चा-परिचर्चा होगी। इसी तरह के प्रयास वन विभाग के सभी वन प्रभागों में करने के लिए वन संरक्षकों को निर्देश दिए जा चुके हैं। कोशिश यह है कि प्रदेश के सभी 13 हजार ईको क्लब इस मुहिम से जुड़ें।
