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'प्रकृति के सफाईकर्मी' की पहाड़ों पर वापसी, यमकेश्वर में 15 साल बाद दिखे गिद्ध, पर्यावरणविदों में खुशी

Published: Sun, 21 Jun 2026 06:19 PM (IST)

पौड़ी जिले के यमकेश्वर ब्लॉक में लगभग 15 वर्षों के बाद बड़ी संख्या में गिद्धों की वापसी देखी गई है, ...और पढ़ें

तुनखाल के पास में शिकार खाता गिद्धों का झुंड। क्षेत्रवासी

तुनखाल के पास में शिकार खाता गिद्धों का झुंड। क्षेत्रवासी 

HighLights

  1. यमकेश्वर ब्लॉक में 15 साल बाद दिखे गिद्ध

  2. विशेषज्ञों ने इसे पारिस्थितिक तंत्र के लिए अच्छा संकेत बताया

  3. गिद्धों को प्रकृति का महत्वपूर्ण सफाईकर्मी माना जाता है

गजेंद्र सिंह, यमकेश्वर। पौड़ी जिले के यमकेश्वर ब्लाक में करीब 15 वर्ष बाद गिद्धों की बहुतायत में मौजूदगी देखने को मिल रही है।

विशेषज्ञ पारिस्थितिक तंत्र में इस शिकारी पक्षी की मौजूदगी को अच्छा संकेत मान रहे हैं। अच्छी बात यह है कि राजाजी नेशनल पार्क क्षेत्र में भी गिद्धों की संख्या बढ़ी है।

वर्षों पहले गिद्ध गांवों के आसपास झुंड में नजर आते थे, लेकिन फिर यह अचानक गायब हो गए। गिद्ध को प्रकृति का सफाईकर्मी माना गया है। यह मरे हुए जानवरों को खाता है, जिससे परिवेश में फैलने वाली गंदगी भी समाप्त हो जाती है।

लेकिन, इनके गायब होने से पारिस्थितिक तंत्र भी प्रभावित हुआ। सुखद यह है कि इन दिनों यमकेश्वर ब्लाक के सैंज गांव और माता श्याम सुंदरी की पहाड़ी पर बड़ी संख्या में गिद्ध दिखाई दे रहे हैं।

ग्रामीण मुकेश और कृष्णपाल ने बताया कि उन्हें एक सप्ताह पूर्व आसमान में उड़ते गिद्धों के झुंड को देखकर आश्चर्य हुआ, क्योंकि करीब डेढ़ दशक बाद उन्होंने ऐसा दृश्य देखा।

वन दरोगा दाताराम ने बताया कि यमकेश्वर ब्लाक की पहाड़ियों पर गिद्धों का दिखना पारिस्थितिक तंत्र के लिए अच्छा संकेत है।

यह काफी दूर तक उड़ान भरते हैं, इसलिए इनकी संख्या का सटीक अनुमान लगा पाना मुश्किल रहता है। राजाजी नेशनल पार्क क्षेत्र में भी गिद्ध दिखाई दिए हैं।

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