जागरण संवाददाता, देहरादून। Vanijya Utsav मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वर्तमान में उत्तराखंड से प्रतिवर्ष 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात हो रहा है, इसे बढ़ाकर 30 हजार करोड़ रुपये करना है। इसके लिए हमें मिलकर प्रयास करने होंगे। सरकार की कोशिश है कि कृषि, स्वास्थ्य, आयुष, फार्मा, आटोमोबाइल, पर्यटन, हथकरघा और हस्तशिल्प के अलावा शैक्षिक सेवाओं के जरिये इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल किया जाए।

दून के सुभाष रोड स्थित एक होटल में मंगलवार से शुरू हुए दो दिवसीय वाणिज्य उत्सव के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि हम आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं, ऐसे समय में वाणिज्य सप्ताह का आयोजन किया जाना सराहनीय है। वाणिज्य उत्सव का मुख्य उद्देश्य आर्थिक विकास पर ध्यान केंद्रित करना है और देश से निर्यात को बढ़ावा देना है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों व ट्रांसपोर्ट की अनेक बाधाओं के बावजूद उत्तराखंड साल दर साल निर्यात के मामले में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यही कारण है कि केंद्र सरकार की ओर से जारी एक्सपोर्ट प्रीपेयर्डनेस इंडेक्स (एपीआइ) में उत्तराखंड को हिमालयी राज्यों की श्रेणी में प्रथम स्थान मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में उत्तराखंड ने निर्यात के मामले में दोगुने से अधिक की बढ़त हासिल की है।

वर्ष 2017-18 में उत्तराखंड से 10,836 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ, वहीं 2020-21 में यह बढ़कर 15,914 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। राज्य में आटोमोबाइल व फार्मा इकाइयां सबसे बड़े निर्यातक क्षेत्र के रूप में उभरे हैं। इसके अलावा पुष्प उत्पादन, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, जैविक उत्पाद, सगंध-औषधीय पौधे, जैव प्रौद्योगिकी, हस्तशिल्प की वस्तुओं का निर्यात भी हो रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य में निर्यात क्षमता और राज्य से निर्यात योग्य उत्पादों एवं सेवाओं को बढ़ावा दिया जाएगा। भारत को एक उभरती हुई आॢथक शक्ति के रूप में स्थापित करने के लिए वाणिज्य उत्सव का आयोजन मील का पत्थर साबित होगा। इस अवसर पर उद्योग सचिव राधिका झा, केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय के उप सचिव आनंद भास्कर, डीजी एसइपीसी डा. अभय सिन्हा, उद्योग निदेशक सुधीर चंद्र नौटियाल, निर्यात आयुक्त रोहित मीणा आदि उपस्थित रहे।

उत्तराखंड बन रहा इंडस्ट्रियल डेस्टिनेशन

औद्योगिक विकास मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि आज उत्तराखंड दुनिया के तमाम उद्योगपतियों के लिए एक इंडस्ट्रियल डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है। सरकार का देश के तमाम बड़े उद्योगपतियों के साथ संवाद जारी है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत छोटे उद्योगों को लगाने की दिशा में तेजी से काम हुआ है। उद्योगों से संबंधित समस्याओं को दूर करने के लिए सरकार प्रयासरत है।

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Edited By: Raksha Panthri