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उत्तराखंड सरकार ने जारी की राज्य की नई पर्यटन नीति, निजी निवेश, स्वरोजगार और नए पर्यटन क्षेत्रों पर विशेष जोर

Published: Wed, 02 Sep 2026 03:14 PM (IST)

उत्तराखंड सरकार ने नई राज्य पर्यटन नीति जारी की है, जिसका उद्देश्य निजी निवेश और स्वरोजगार को बढ़ावा देना है। ...और पढ़ें

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HighLights

  1. नई नीति से निजी निवेश और स्वरोजगार को मिलेगा बढ़ावा।

  2. सांस्कृतिक, साहसिक, वेलनेस पर्यटन पर विशेष ध्यान केंद्रित।

  3. पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि, अर्थव्यवस्था को मजबूती।

डिजिटल टीम, देहरादून। उत्तराखंड की भौगोलिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक विविधता ने इसे उत्तर भारत के सबसे पसंदीदा पर्यटन राज्यों में शामिल किया है। राज्य में लगातार बढ़ रही पर्यटकों की संख्या और इस क्षेत्र में विकास की अपार संभावनाओं को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने नई राज्य पर्यटन नीति जारी की है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य सतत और संतुलित विकास के लिए एक दीर्घकालिक रणनीतिक रोडमैप तैयार करना है।

पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

पर्यटन वृद्धि दर: वर्ष 2014 में जहाँ 2.2 करोड़ पर्यटक उत्तराखंड पहुंचे थे, वहीं 2019 में यह आंकड़ा बढ़कर करीब 3.9 करोड़ हो गया। इस अवधि में पर्यटकों की संख्या में 11.97% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) दर्ज की गई।

वैश्विक रिपोर्ट: वर्ल्ड ट्रैवल एंड टूरिज्म काउंसिल की एक रिपोर्ट के अनुसार, पर्यटन अर्थव्यवस्था के आकार के हिसाब से भारत दुनिया की सातवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। 2017 से 2027 के बीच पर्यटन क्षेत्र में करीब 7% की वार्षिक वृद्धि दर का अनुमान जताया गया है।

निजी क्षेत्र की भागीदारी: सरकार नीति निर्माण, नियमन और बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने में मुख्य भूमिका निभाएगी, जबकि बुनियादी ढांचे के निर्माण, परिवहन, टूर संचालन और निजी सेवाओं में निजी क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

नीति के अंतर्गत मिलने वाले प्रमुख प्रोत्साहन एवं सुविधाएं

पात्र पर्यटन इकाइयों और उद्यमों को इस नई नीति के तहत कई तरह की वित्तीय सहायता और सुविधाएं दी जाएंगी।

पूंजीगत सब्सिडी: हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में पूंजीगत सब्सिडी, होटल और ठहरने की जुड़ी परियोजनाओं के लिए आर्थिक मदद।
प्रचार व विपणन प्रोत्साहन: मार्केटिंग और प्रचार-प्रसार के लिए सहायता।
कौशल विकास: प्रशिक्षण और कौशल विकास के लिए विशेष प्रोत्साहन।
स्थानीय रोजगार: राज्य के ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसी प्लेटफॉर्म के जरिए बुकिंग बढ़ाने पर प्रोत्साहन।
इको-टूरिज्म व एडवेंचर: पर्यावरण-अनुकूल (Eco-friendly) पर्यटन और वॉटर स्पोर्ट्स/एडवेंचर प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता।
हेलीकॉप्टर पर्यटन: राज्य में हेलीकॉप्टर आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन।
कर व शुल्क में राहत: बिजली शुल्क में छूट और स्टांप ड्यूटी में छूट/प्रतिपूर्ति।

निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए नीतिगत कदम

नीति में स्पष्ट किया गया है कि राज्य सरकार पर्यटन क्षेत्र में खुद एक व्यवसायी की भूमिका निभाने के बजाय 'सुविधा प्रदाता' (Facilitator) के रूप में कार्य करेगी। 

निवेश प्रोत्साहन: पर्यटन क्षेत्र में निवेशकों के लिए कारोबार करना आसान (Ease of Doing Business) बनाने पर विशेष जोर।
वित्तीय सुगमता: पर्यटन परियोजनाओं को जल्द मंजूरी देने के लिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम को मजबूत किया जाएगा।
समान अवसर: नई और पुरानी (विस्तार करने वाली) दोनों प्रकार की पर्यटन परियोजनाओं को प्रोत्साहन मिलेगा।

इन मुख्य क्षेत्रों पर रहेगा खास फोकस

राज्य में पर्यटन क्षेत्र को विविधता देने और राज्य के हर कोने में पर्यटन का विकास करने के लिए सरकार ने मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया है।

सांस्कृतिक एवं साहसिक पर्यटन: सांस्कृतिक धरोहरों, ट्रैकिंग और एडवेंचर गतिविधियों को प्रोत्साहन।
वेलनेस और मेडिकल टूरिज्म: योग, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा और स्वास्थ्य से जुड़ी सुविधाओं का विस्तार।
स्थानीय उत्पाद एवं व्यंजन: स्थानीय व्यंजनों, स्थानीय संस्कृति और हस्तशिल्प को बढ़ावा।
ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल: ऐतिहासिक स्मारकों, धरोहरों और धार्मिक स्थलों को पर्यटन नेटवर्क से जोड़ना।
माइस टूरिज्म: बैठकों, प्रोत्साहन यात्राओं, सम्मेलनों और प्रदर्शनियों से जुड़े पर्यटन को बढ़ावा।
 
उत्तराखंड सरकार की इस नई पर्यटन नीति से न केवल राज्य में बड़े पैमाने पर निजी निवेश आकर्षित होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था को एक नई मजबूती मिलेगी।

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