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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 01, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Uttarakhand Weather Forecast Today: बारिश लाई आफत, उफान पर नदियां; बारिश-ओलावृष्टि को लेकर अलर्ट जारी

By Jagran NewsEdited By: Swati Singh
Published: Thu, 01 Jun 2023 08:00 AM (IST)

Uttarakhand Weather Forecast Todayप्रदेश में आज भी ज्यादातर क्षेत्रों में बादल छाये रहने का अनुमान है। मौसम विज्ञान केंद्र के ...और पढ़ें

बारिश लाई आफत, उफान पर नदियां; बारिश-ओलावृष्टि को लेकर अलर्ट जारी
बारिश लाई आफत, उफान पर नदियां; बारिश-ओलावृष्टि को लेकर अलर्ट जारी

देहरादून, जागरण संवाददाता। दून में मौसम के तल्ख तेवरों से अभी से आपदा जैसे हालात बनने लगे हैं। दून समेत मसूरी-धनोल्टी में हुई मूसलाधार वर्षा के कारण तमाम नदी-नाले उफान पर आ गए। बुधवार को तेज बारिश के बाद अब गुरुवार को भी उत्तराखंड के ज्यादातर हिस्सों में बादल छाए रहने का अनुमान है।

प्रदेश में आज भी ज्यादातर क्षेत्रों में बादल छाये रहने का अनुमान है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की वर्षा-बर्फबारी हो सकती है। जबकि, निचले इलाकों में ओलावृष्टि व बौछारें के आसार हैं। दून में गरज-चमक के साथ बौछारें और ओले गिरने के आसार हैं। साथ ही 40 से 50 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से अंधड़ चल सकता है। इसे लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।

उफान पर हैं नदियां

लगातार हो रही बारिश से बांदल और सौंग नदी में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। जिससे करीब 12 गांव का संपर्क मुख्य मार्ग से कट गया है। शहर में भी सभी चौक-चौराहे जलमग्न हो गए और कुछ इलाकों में पेड़ गिरने से भी जनजीवन प्रभावित हुआ। दो दिन से हो रही भारी वर्षा के बीच दून और आसपास के क्षेत्रों में परेशानियां बढ़ गई हैं। मालदेवता क्षेत्र में बांदल नदी ने रौद्र रूप ले लिया और सौंग नदी भी उफान पर है।

गांवों में आवाजाही ठप, खतरे में जिंदगियां

मासी फाल से लेकर रिस्पना नदी, बिंदाल, तमसा नदियों में भी बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए। किनारे बसे लोग खतरे की जद में आ गए। बांदल नदी किनारे बसे गांवों में आवाजाही ठप हो गई। अस्थायी पुल बाढ़ में बह गए और पैदल मार्ग भी नदी में डूब गए। मालदेवता के सरखेत और आसपास के क्षेत्र में वर्ष-2022 में आई आपदा को एक वर्ष पूरा होने को है, लेकिन अभी तक सुरक्षा इंतजाम नहीं किए जा सके।

शासन-प्रशासन की अनदेखी से आक्रोश

शासन-प्रशासन की लचर कार्यशैली से 10 से 12 गांव के बाशिंदों में आक्रोश है। उनका कहना है कि वर्षाकाल के चार माह में नदी के उफान के चलते बच्चे स्कूल तक नहीं जा पाते। जबकि, इसकी शिकायत कई बार प्रशासन से की जा चुकी है। वर्ष 2014 में क्षेत्र में आई आपदा के बाद सिंचाई विभाग ने बाढ़ सुरक्षा कार्य का प्रस्ताव तैयार किया था, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। मसूरी विस क्षेत्र के सरखेत गांव में कुछ कार्य किए गए, लेकिन धनोल्टी विधानसभा क्षेत्र के सीतापुर गांव में कोई सुरक्षा कार्य नहीं किए गए। गांव के सहमे लोग पलायन की तैयारी में हैं।

वर्षा में तापमान में आई गिरावट

दून में 48 घंटे में 50 मिमी से अधिक वर्षा दून में मंगलवार और बुधवार को जोरदार वर्षा हुई। भारी वर्षा के कारण तापमान में भी गिरावट आई और दून का पारा करीब 10 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। बीते दो दिन में दून में 50 मिमी से अधिक वर्षा दर्ज की गई। जबकि, पूरे माह दून में 102 मिमी वर्षा हुई। मसूरी में दो दिन के भीतर 90 मिमी और सहस्रधारा में 48 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

चौक-चौराहे हुए जलमग्न

वर्षा से सड़कें जलमग्न दो दिन से दून में झमाझम बरसे रहे मेघ दुश्वारियां बढ़ा रहे हैं। बारिश के कारण शहर के ज्यादातर चौक-चौराहे जलमग्न हो गए। लैंसडाउन चौक, कनक चौक, एस्लेहाल चौक, घंटाघर, दर्शनलाल चौक, प्रिंस चौक, आराघर चौक, चकराता रोड, ईसी रोड समेत अन्य सड़कों व चौराहों पर वर्षाजल से तालाब बन गया। नालियां चोक होने के कारण पानी सड़कों पर बहता रहा। पैदल राहगीरों के साथ ही दुपहिया वाहन सवारों को खासी दिक्कतें हुई।

राजपुर में गिरा विशाल पेड़

तेज हवाओं के साथ हुई झमाझम वर्षा के बीच दून के कुछ इलाकों में पेड़ भी गिरे। राजपुर में साईं मंदिर के पास एक विशालकाय पेड़ सड़क पर गिर गया। जिससे काफी देर तक यातायात बाधित रहा। फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर पेड़ को काटा और मार्ग पर आवागमन शुरू कराया। इसके अलावा रिंग रोड, सहस्रधारा रोड, क्लेमेनटाउन में भी पेड़ गिरने की सूचना है।