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उत्तराखंड में मतदाताओं की संख्या में बड़ी गिरावट, SIR के बाद ये दो मुख्य कारण आए सामने

Published: Sat, 03 Oct 2026 11:33 PM (IST)

उत्तराखंड में पिछले पांच वर्षों में मतदाताओं की संख्या में 10 लाख से अधिक की भारी गिरावट दर्ज की गई ...और पढ़ें

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विकास गुसाईं, जागरण, देहरादून। उत्तराखंड की जनसंख्या भले ही लगातार बढ़ रही है, लेकिन मतदाताओं की संख्या में बीते पांच वर्ष में भारी गिरावट देखने को मिली है। वर्ष 2022 में विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश में मतदाताओं की संख्या 81,72,173 थी, वह अब घटकर 71.58 लाख पर पहुंच गई है।

इनमें भी चार मैदानी जिलों हरिद्वार, देहरादून, ऊधम सिंह नगर व नैनीताल में सबसे अधिक मतदाता कम हुए हैं। इसका एक मुख्य कारण पलायन व मतदाताओं का दोहराव होना माना जा रहा है। प्रदेश में मतदाता सूची को लेकर बीते कुछ वर्षों से लगातार सवाल उठाए जा रहे थे।

कभी मतदाताओं के दोहराव की बात सामने आती तो कभी वर्षों पूर्व मृत हो चुके व्यक्तियों के नाम मतदाता सूची में शामिल होने के कारण आयोग की कार्यशैली भी कठघरे में थी। ऐसे में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान एक पारदर्शी प्रक्रिया के रूप में सामने आया है।

इससे मतदाता सूची में शामिल मतदाताओं को लेकर फिलहाल कोई संदेह की स्थिति नहीं है। आंकड़ों पर नजर डालें तो बीते पांच वर्षाें में प्रदेश में मतदाताओं की संख्या में खासी गिरावट दर्ज की गई है। मैदान से लेकर पहाड़ तक हर जगह मतदाताओं की संख्या में कमी आई है। इससे कहीं न कहीं पलायन से भी जोड़ कर देखा जा रहा है।

नीचे दी गई तालिका में पिछले 10 सालों में उत्तराखंड के जिलों में घटे मतदाताओं की संख्या 
 
जिला संख्या
उत्तरकाशी 11,497
चमोली 23,037
रुद्रप्रयाग 11,068
टिहरी 64,853
देहरादून 2,92,978
हरिद्वार 1,74,724
पौड़ी 72,591
पिथौरागढ़ 39,454
बागेश्वर 11,931
अल्मोड़ा 64,025
चंपावत 12,268
नैनीताल 78,352
उधम सिंह नगर (यूएस नगर) 1,56,446

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