विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

उत्तराखंड के संविदा कर्मियों को मिला तोहफा, सरकार जारी किया न्यूनतम वेतन और महंगाई भत्ते का आदेश

Published: Thu, 17 Sep 2026 09:58 AM (IST)

उत्तराखंड सरकार ने उपनल के माध्यम से कार्यरत कार्मिकों को न्यूनतम वेतन और महंगाई भत्ते का लाभ देने का निर्णय लिया है।

इस तस्वीर का उपयोग सांकेतिक रूप में किया गया है।

इस तस्वीर का उपयोग सांकेतिक रूप में किया गया है।

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

राज्य ब्यूरो, देहरादून। राज्य के विभिन्न विभागों में उपनल के माध्यम से आउटसोर्स पर कार्यरत कार्मिकों के लिए सरकार ने न्यूनतम वेतन और महंगाई भत्ते का लाभ देने का निर्णय लिया है। यह लाभ कार्मिकों की नियुक्ति की अवधि के आधार पर तीन चरणों में दिया जाएगा। शासन ने इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया है।

सैनिक कल्याण विभाग की ओर जारी आदेश के अनुसार पहले चरण में एक जनवरी, 2016 से पूर्व नियोजित उपनल कार्मिकों के संबंध में कार्रवाई की जा रही है। दूसरे चरण में एक जनवरी, 2016 से 12 नवंबर, 2018 और तीसरे चरण में 13 नवंबर, 2018 से 15 अक्टूबर, 2024 तक नियोजित कार्मिकों को न्यूनतम वेतन एवं महंगाई भत्ते का लाभ दिया जाएगा।

यह भी पढ़ें- उत्तराखंड में 105 उपनल सफाई कर्मचारियों को मिलेगा समान वेतन, राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष ने दिए निर्देश

शासनादेश में अतिरिक्त उपनल कार्मिकों के समायोजन की व्यवस्था भी स्पष्ट की गई है। जिन विभागों में स्वीकृत या सृजित पदों के सापेक्ष अतिरिक्त उपनल कार्मिक कार्यरत हैं, उन्हें नियुक्ति की तिथि के वरीयता क्रम में उपलब्ध पदों पर समायोजित किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर अन्य विभागों में समकक्ष रिक्त पदों के सापेक्ष समायोजन और अधिसंख्य पद सृजित करने की कार्रवाई भी होगी। इसके लिए शासन स्तर पर अलग व्यवस्था या समिति गठित की जाएगी।

इसके अलावा प्रत्यक्ष अनुबंध पर कार्यरत रहे पूर्व उपनल कार्मिकों को भी निर्धारित प्रविधानों के अनुसार न्यूनतम वेतन और अनुमन्य महंगाई भत्ते का लाभ मिलेगा। निगमों, परिषदों और स्वायत्तशासी संस्थाओं में कार्यरत उपनल कार्मिकों के मामले में संबंधित संस्थाएं अपने स्तर पर निर्णय लेंगी और भुगतान अपने संसाधनों से करेंगी।