उत्तराखंड में आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्य को मजबूती देंगे आपदा मित्र, 1207 को किया जा रहा प्रशिक्षित
आपदा की दृष्टि से संवेदनशील उत्तराखंड में राहत-बचाव कार्यों को मजबूती देने के लिए आपदा मित्रों की फौज तैयार की ...और पढ़ें

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राज्य ब्यूरो, जागरण देहरादून। आपदा की दृष्टि से संवेदनशील उत्तराखंड में आपात परिस्थितियों से निबटने और राहत-बचाव कार्यों को मजबूती देने के लिए आपदा मित्रों की फौज तैयार की जा रही है। प्रदेश में चयनित 4310 स्वयंसेवकों में से अब तक 3103 को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
शेष 1207 आपदा मित्रों को प्रशिक्षित करने के लिए रूपरेखा तैयार की जा रही है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद आपदा के दौरान स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की उपलब्धता बढ़ेगी और राहत-बचाव कार्यों में मदद मिलेगी।
प्रदेश में आपदा प्रबंधन तंत्र को मजबूत बनाने के साथ आमजन की सहभागिता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी), राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), नेहरू युवा केंद्र तथा भारत स्काउट-गाइड से जुड़े स्वयंसेवियों का आपदा मित्र के रूप में चयन कर उन्हें आपदा प्रबंधन में दक्ष बनाया जा रहा है।
केंद्र के सहयोग से संचालित इस योजना का उद्देश्य आपदा के समय त्वरित सहायता, प्राथमिक प्रतिक्रिया और स्थानीय स्तर पर राहत कार्यों में प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध कराना है। इस वर्ष के लिए चयनित आपदा मित्रों में से अभी तक 3103 प्रशिक्षण ले चुके हैं और विभिन्न अवसरों पर उनकी सेवाएं भी ली जा रही हैं।
आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास सचिव विनोद कुमार सुमन के अनुसार प्रयास यह है कि शेष चयनित 1207 स्वयंसेवकों का अगले दो-तीन माह के भी प्रशिक्षण पूर्ण हो जाए। इसकी रूपरेखा बन रही है।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान शुरुआती प्रतिक्रिया बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में प्रशिक्षित स्वयंसेवक स्थानीय स्तर पर राहत एवं बचाव गतिविधियों में सहयोग कर सकते हैं। आपदा मित्रों को तैयार करने की पहल का उद्देश्य समुदायों की तैयारी बढ़ाना और आपदा प्रबंधन एजेंसियों के साथ समन्वय को मजबूत करना है।
