उत्तराखंड ट्रांसफर अधिनियम की समस्याएं होंगी खत्म, विभागों से मांगे प्रस्ताव
उत्तराखंड सरकार कर्मचारियों के वार्षिक ट्रांसफर अधिनियम की व्यावहारिक और विधिक अड़चनों को दूर करने की पहल कर रही है। ...और पढ़ें


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
राज्य ब्यूरो, जागरण, देहरादून। उत्तराखंड में सरकारी कर्मचारियों के वार्षिक स्थानांतरण (ट्रांसफर की प्रक्रिया में आ रही व्यावहारिक और विधिक अड़चनों को दूर करने के लिए शासन ने पहल की है। सभी विभागों से स्थानांतरण अधिनियम के क्रियान्वयन में सामने आ रही समस्याओं का विश्लेषण कर उनके स्थायी समाधान के लिए स्पष्ट प्रस्ताव मांगे गए हैं।
विभागों को एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट कार्मिक एवं सतर्कता विभाग को उपलब्ध करानी होगी। अपर सचिव गिरधारी सिंह रावत की ओर से इस संबंध में सभी प्रमुख सचिवों, सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।
उत्तराखंड लोक सेवकों के लिए वार्षिक स्थानांतरण अधिनियम में कर्मचारियों के स्थानांतरण की प्रक्रिया और समय-सारिणी निर्धारित है। हालांकि, विभागों की अलग-अलग संवर्गीय संरचना, तकनीकी और विशिष्ट पदों की उपलब्धता तथा सुगम और दुर्गम क्षेत्रों में पदों के असमान वितरण के कारण इसके क्रियान्वयन में कठिनाइयां सामने आ रही हैं।
सेवा अवधि की गणना और अधिनियम की विभिन्न धाराओं की व्याख्या को लेकर भी विभागों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इन समस्याओं के समाधान के लिए कई विभाग मार्गदर्शन, छूट या नियमों में शिथिलीकरण की मांग करते हैं। इससे स्थानांतरण प्रक्रिया में देरी होने के साथ ही नीतिगत एकरूपता बनाए रखने में भी परेशानी आती है।
व्यक्तिगत मामलों को नहीं मिलेगी जगह
शासन ने विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे अधिनियम की जिन धाराओं या उपधाराओं के कारण नीतिगत, विधिक अथवा संवर्गीय बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं, उनका स्पष्ट उल्लेख करते हुए संशोधन या स्पष्टीकरण के औचित्यपूर्ण प्रस्ताव तैयार करें।
रिपोर्ट में केवल संरचनात्मक और विधिक प्रकृति की समस्याओं को शामिल किया जाएगा। व्यक्तिगत प्रकरणों और तात्कालिक प्रशासनिक व्यवस्थाओं से जुड़े मामलों को प्रस्ताव का हिस्सा नहीं बनाया जाएगा।
इन सुझावों के आधार पर स्थानांतरण व्यवस्था की खामियों को दूर करने, अनावश्यक पत्राचार कम करने और प्रक्रिया को समयबद्ध बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकेंगे।
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