यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 11, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
4600 Grade Pay : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस जवानों की समस्या का निकाला हल, सृजित की नई रैंक
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड पुलिस जवानों की ग्रेड पे की समस्या का हल निकाल लिया है। उनके द्वारा ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, देहरादून : Uttarakhand Police 4600 Grade Pay : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस कर्मियों के ग्रेड वेतन को लेकर आ रही समस्या का समाधान निकाला है। उन्होंने पुलिस विभाग में एडिशनल सब इंस्पेक्टर का नया पद सृजित करने के निर्देश दिए हैं। यह पद 4200 ग्रेड पे का होगा।
इसके कुल 1750 पद सृजित किए जा रहे हैं, जो वरिष्ठता के आधार पर भरे जाएंगे। इन्हें विवेचना का अधिकार भी मिलेगा। मुख्यमंत्री ने हेड कांस्टेबल के 1750 नए पद सृजित करने के भी आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे जवानों को पदोन्नति के अधिक अवसर प्राप्त होंगे।
पुलिस कर्मियों के स्वजन ग्रेड पे को लेकर मुखर
उत्तराखंड पुलिस में इस समय 2001 बैच के पुलिस कर्मियों के स्वजन ग्रेड पे को लेकर काफी मुखर हैं। पहले पुलिस कर्मियों को 10, 16, 26 वर्ष की सेवा पर पदोन्नत ग्रेड पे दिया जाता था। पुलिस कर्मियों का प्रारंभिक ग्रेड पे 2000 रुपये है।
इसके बाद पहली पदोन्नति अथवा 10 वर्ष की सेवा पर ग्रेड पे 2400 रुपये और फिर 16 साल की सेवा पूरी होने पर ग्रेड पे 4600 रुपये दिया जाता था। सातवें वेतनमान में एसीपी के स्थान पर एमएसीपी लागू हुई। इसमें 10, 20, 30 वर्ष की सेवा पर ग्रेड वेतन बढ़ाने की व्यवस्था की गई है।
इसके अनुसार पुलिस कर्मी को 10 वर्ष की सेवा पूरी करने पर 2400 और पदोन्नति न होने की स्थिति में 20 वर्ष की सेवा पूरी करने पर 2800 ग्रेड वेतन मिलेगा। पुलिस का पहला बैच 2001 में भर्ती हुआ था। इस बैच ने जुलाई 2001 में 20 वर्ष की सेवा पूरी कर ली। नए ग्रेड वेतन से उन्हें नुकसान हो रहा था।
इसी कारण पुलिस कर्मियों के स्वजन विरोध कर रहे हैं। चुनाव से पहले दिसंबर 2021 में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में भी इस पर चर्चा हुई थी। तब कहा गया था कि पुलिस विभाग में कांस्टेबल के कुल पदों के सापेक्ष 10 प्रतिशत हेड कांस्टेबल और 10 प्रतिशत पद एएसआइ के सृजित किए जाएं।
जब तक इस प्रक्रिया पर पत्रावली शुरू होती, तब तक आचार संहिता लग गई। अब मुख्यमंत्री ने पुलिस कर्मियों के हितों को देखते हुए नए पद सृजित करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस में अभी कांस्टेबल के 17500 पद और हेड कांस्टेबल के 3440 पद हैं।
दो साल से चल रहा है ग्रेड पे को लेकर आंदोलन
4600 ग्रेड पे की मांग को लेकर पुलिसकर्मियों के स्वजनों का आंदोलन दो साल से चल रहा है। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पुलिसकर्मियों के स्वजन पूरी तरह से उग्र हो गए। जुलाई 2021 में उन्होंने गांधी पार्क से रैली निकाली।
इसके बाद 15 अगस्त को भी रैली निकालने की तैयारी की थी, लेकिन पुलिस विभाग की ओर से दी गई चेतावनी के बाद रैली स्थगित कर दी थी। ग्रेड पे की मांग पूरी न होने के चलते पुलिसकर्मियों के स्वजन की ओर से हाथीबड़कला में जाम भी लगाया गया और पुलिस ने कुछ महिलाओं को हिरासत में ले लिया था।
21 अक्टूबर 2021 को पुलिस स्मृति दिवस पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 2001 बैच के सिपाहियों को 4600 ग्रेड पे दिया जाएगा, लेकिन चुनाव के बाद भी इस पर निर्णय नहीं हो सका। इसके बाद दोबारा ग्रेड पे का मामला उठा।
पुलिसकर्मियों के स्वजनों ने दो अगस्त को बैठक कर सात अगस्त से आंदोलन की चेतावनी दी। तीन अगस्त को पुलिस विभाग को ओर से बैठक में हिस्सा ले रहे पुलिसकर्मियों के स्वजनों की पहचान की गई और चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया।