उत्तराखंड में ऑपरेशन हॉटस्पाॅट: 820 खाते मिले संदिग्ध... 159 केस...जांच के घेरे में 60 बैंककर्मी... 15 गिरफ्तार
उत्तराखंड पुलिस के 'ऑपरेशन हॉटस्पॉट' में 7 दिनों में 820 संदिग्ध बैंक खाते और 159 साइबर ठगी के मामले सामने आए हैं।


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जागरण संवाददाता, देहरादून। साइबर ठगों तक पहुंचने के लिए सिर्फ ठगी की वारदात नहीं, बल्कि ठगी की पूरी सप्लाई चेन पर उत्तराखंड पुलिस ने एक साथ चोट की है।
सात दिन चले प्रदेशव्यापी ‘ऑपरेशन हॉटस्पॉट’ में एसटीएफ ने साइबर ठगी में इस्तेमाल बैंक खातों, एटीएम, चेक, सिम कार्ड व पाश मशीनों की परतें खंगालीं तो 820 संदिग्ध बैंक खाते सामने आए। सत्यापन के बाद अब तक 159 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। ठगी की रकम निकालने वाले भी बच नहीं पाए। 1236 एटीएम की जांच में 32 मुकदमे दर्ज हुए।
अपर पुलिस महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था डा. वी मुरुगेशन ने गुरुवार को पटेल भवन में प्रेस कांफ्रेंस में आपरेशन के परिणाम सामने रखे। उन्होंने बताया कि कार्रवाई का दायरा केवल ठगी करने वालों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ठगी के लिए खाता, सिम, चेक, एटीएम और अन्य संसाधन उपलब्ध कराने वालों को भी साइबर क्राइम चेन का हिस्सा मानकर कार्रवाई की गई। आपरेशन की एक अहम कड़ी पहले गिरफ्तार साइबर अपराधियों की मैपिंग रही।
‘समन्वय’ पोर्टल पर 240 पूर्व गिरफ्तार साइबर अपराधियों की मैपिंग के बाद 100 से अधिक अन्य संदिग्ध साइबर अपराधियों की संलिप्तता सामने आई है।
खाते से एटीएम तक, हर कड़ी पर कार्रवाई
एसटीएफ ने 84 बैंकों से चेक के जरिये नकदी निकाले जाने के मामलों की जांच की, जिसमें 37 संदिग्ध सामने आए और उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए। 22 स्थानों पर सिम और पाश मशीन के जरिये साइबर ठगी की रकम निकालने के मामले सामने आए, जिनमें 10 मुकदमे दर्ज हुए।
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संदिग्ध गतिविधि वाले 644 सिम कार्ड और 630 ईएमईआइ ब्लाक किए गए। सिम कार्ड पर एसएमएस अलर्ट भी लगाए गए। कार्रवाई के दौरान 15 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 247 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं।
60 बैंककर्मी भी जांच के घेरे में
एसटीएफ की जांच अब बैंकिंग तंत्र तक पहुंच गई है। 60 बैंक अधिकारी और कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध मिली है, जिनकी जांच की जा रही है। इससे साफ है कि साइबर ठगी का नेटवर्क सिर्फ मोबाइल और इंटरनेट तक सीमित नहीं, बल्कि वित्तीय लेनदेन की कड़ियों तक फैला हुआ है।
एसएसपी (एसटीएफ) अजय सिंह के अनुसार जमीनी स्तर पर कार्रवाई के लिए प्रदेश के चार प्रमुख जिलों में 10 हाटस्पाट चिन्हित किए गए हैं। दून में पटेलनगर, सेलाकुई, सुमननगर और ऋषिकेश, हरिद्वार में कलियर, कोतवाली और सिडकुल, ऊधमसिंहनगर में दिनेशपुर व गदरपुर और नैनीताल में रामनगर को हाटस्पाट बनाया गया है। इन क्षेत्रों में अब निरंतर निगरानी रखी जाएगी।
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ऑपरेशन हॉटस्पॉट के आंकड़े
- 820 संदिग्ध बैंक खाते चिह्नित
- 159 मुकदमे दर्ज
- 1236 एटीएम की जांच, 32 मुकदमे
- 84 बैंकों से चेक लेनदेन की जांच, 37 संदिग्धों पर मुकदमे
- 644 संदिग्ध सिम कार्ड ब्लाक
- 630 ईएमईआइ ब्लाक
- 15 साइबर अपराधी गिरफ्तार
- 247 लोगों को नोटिस
- 60 बैंक अधिकारी-कर्मचारी जांच के घेरे में
- 10 साइबर हाटस्पाट चिह्नित
- 240 पूर्व गिरफ्तार अपराधियों की मैपिंग
- 100 से अधिक नए संदिग्धों की संलिप्तता सामने आई
