जागरण संवाददाता, देहरादून। ऊर्जा निगम (यूपीसीएल) में टेक्निकल ग्रेड-2 की नियुक्ति सवालों के घेरे में आ गई है। आरोप है कि पिटकुल के लिए निकाली गई भर्ती में चयनित आवेदकों को नियुक्ति ऊर्जा निगम में दी जा रही है। कर्मचारी संगठनों ने इसका विरोध करते हुए जांच की मांग की है। वहीं, ऊर्जा निगम प्रबंधन और शासन की तरफ से इस पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।

इस संबंध में उत्तराखंड विद्युत संविदा कर्मचारी संगठन ने राज्यपाल को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष विनोद कवि ने आरोप लगाया कि ऊर्जा निगम में भर्ती के नाम पर खेल चल रहा है। उनका कहना है कि सितंबर 2016 और जनवरी 2017 में उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने समूह ग के पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी कर आनलाइन आवेदन मांगे थे। इसमें पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन लिमिटेड (पिटकुल) में टीजी-2 विद्युत (पद कोड-55) के 80 पद और उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (यूजेवीएनएल) में टीजी-2 विद्युत (पद कोड-97) के 52 व टीजी-2 यांत्रिक (पद कोड-98) के 39 पद पर भर्ती की जानी थी।

नवंबर 2017 में पद कोड 55 के तहत परीक्षा आयोजित की गई। इसका परिणाम घोषित कर चयन आयोग ने बीते 16 जून को अभिलेख सत्यापन के लिए विज्ञप्ति जारी की। इसमें उक्त नियुक्ति को ऊर्जा निगम के लिए दर्शाया गया है, जबकि ऊर्जा निगम में भर्ती को लेकर किसी भी प्रकार की विज्ञप्ति जारी नहीं की गई। कार्मिकों का आरोप है कि पिटकुल के लिए निकाली गई भर्ती के आवेदकों को ऊर्जा निगम में नियुक्ति दी जा रही है। कर्मचारी संगठन ने इसे अनियमितता और अवैधानिक करार देते हुए जांच की मांग की है। साथ ही ऐसा न होने पर आंदोलन के संकेत दिए हैं।

उत्तरांचल बिजली कर्मचारी संघ ने जताई आपत्ति

ऊर्जा निगम में टीजी-2 (विद्युत) के पदों पर अवैध रूप से नियमित नियुक्तियां करने का आरोप लगाते हुए उत्तरांचल बिजली कर्मचारी संघ ने नाराजगी जाहिर की है। इस संबंध में संगठन ने प्रमुख सचिव को पत्र लिख कार्रवाई की मांग की है। संघ के प्रधान महामंत्री प्रदीप कंसल ने कहा कि ऊर्जा निगम में अवैध तरीके से नियमित भर्ती की जा रही है, जो कि बैकडोर एंट्री है। इन नियुक्तियों पर कोर्ट में केस चल रहे हैं। दूसरी तरफ, कोरोनाकाल में निष्ठा के साथ ड्यूटी कर रहे 16-17 साल से तैनात संविदा कर्मियों को अल्प वेतन पर गुजारा करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि उक्त नियुक्तियां कर्मचारियों के साथ धोखा है।

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Edited By: Raksha Panthri