उत्तराखंड के स्थानीय निकायों को मिलेगा 12.5% कर राजस्व हिस्सा: मुख्यमंत्री धामी का बड़ा ऐलान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की है कि उत्तराखंड में स्थानीय निकायों को राज्य के कर राजस्व में अब ...और पढ़ें
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राज्य ब्यूरो, जागरण देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि स्थानीय निकायों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में सरकार कार्य कर रही है। छठवें राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों के अनुसार स्थानीय निकायों की राज्य के कर राजस्व में हिस्सेदारी 10.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है।
इसके लिए अनुपूरक बजट में 721 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। उन्होंने रविवार को मुख्य सेवक सदन में उत्तराखंड प्रमुख संगठन के सम्मेलन में यह जानकारी साझा की।
उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण व शहरी निकायों को विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पंचायत भवन से वंचित ग्राम पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से भवन निर्माण कराने का भी प्रयास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में पंचायतों के सशक्तीकरण को अनेक कदम उठाए गए हैं। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार अंत्योदय की भावना के साथ कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना है।
उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों का आह्वान किया कि वे अपने क्षेत्रों में पात्र व्यक्तियों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और जनसमस्याओं के समाधान को प्रशासन के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखें।
इस क्रम में जन-जन की सरकार अभियान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के सामूहिक प्रयासों से जनसेवाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि विकसित उत्तराखंड का लक्ष्य गांवों को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाकर ही प्राप्त किया जा सकता है। इस क्रम में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और रोजगार-स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया है।
प्रदेश में रिवर्स पलायन में भी 44 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के अवसर बढ़ाने के लिए पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
उन्होंने राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने समेत सरकार के महत्वपूर्ण निर्णयों, उपलब्धियों को रेखांकित करने के साथ ही केदारनाथ, बदरीनाथ धाम में मास्टर प्लान, केदारखंड व मानसखंड मंदिरों के विकास, गोल्ज्यू, यमुना व शारदा कारिडोर, शीतकालीन पर्यटन को प्रोत्साहन, लखपति दीदी योजना का उल्लेख भी किया।
उन्होंने कहा कि पंचायतों को मिलने वाली धनराशि का उपयोग पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी से होना चाहिए। विकास कार्य निर्धारित समय पर पूरे हों और गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता न हो, यह सुनिश्चित होना चाहिए।
सम्मेलन में प्रमुख संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राजीव कंडारी, महासचिव गणेश चंदोला व ज्योति ग्रोवर, संरक्षक हरीश बिष्ट समेत काफी संख्या में क्षेत्र पंचायत प्रमुख उपस्थित रहे।
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