केदार दत्त, देहरादून। उत्तराखंड में औद्यानिकी को आर्थिकी का महत्वपूर्ण जरिया बनाने के साथ ही किसानों की आय दोगुना करने के उद्देश्य से सरकार की कोशिश रंग लाती दिख रही है। जापान इंटरनेशनल को-आपरेशन एजेंसी ने उत्तराखंड को औद्यानिकी विकास के लिए 526 करोड़ रुपये की राशि देने की सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। केंद्र सरकार ने राज्य को इस संबंध में कैबिनेट के माध्यम से प्रस्ताव भेजने को कहा है। यह राशि मिलने पर चार जिलों में फल, सब्जी व पुष्प उत्पादन पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री सुबोध उनियाल ने पिछले वर्ष जापान के भ्रमण के दौरान जापान इंटरनेशनल को-आपरेशन एजेंसी के प्रतिनिधियों से राज्य में औद्यानिकी विकास में सहयोग का आग्रह किया था। बाद में एजेंसी के दल ने राज्य का दौरा किया। परिस्थितियां अनुकूल होने के मद्देनजर एजेंसी ने परियोजना का प्रस्ताव तैयार करने को कहा। इसके बाद राज्य ने केंद्र सरकार को यह प्रस्ताव भेजा, जिस पर केंद्र और एजेंसी के प्रतिनिधियों के मध्य विमर्श हुआ। अब यह पहल परवान चढ़ने जा रही है।

निदेशक उद्यान डा एचएस बावेजा के अनुसार जापान की एजेंसी ने राज्य के लिए 526 करोड़ रुपये की परियोजना को सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी है। केंद्र के स्तर से भी परियोजना पर सहमति जताई गई है। उन्होंने बताया कि अब केंद्र सरकार के निर्देश पर परियोजना का विस्तृत प्रस्ताव भेजा जा रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही इसे मंजूरी मिल जाएगी। उन्होंने प्रस्ताव स्वीकृत होने पर यह औद्यानिकी विकास में मील का पत्थर साबित होगा।

चार जिलों में चलेगी परियोजना

निदेशक उद्यान डा बावेजा ने बताया कि इस परियोजना के लिए चार जिले टिहरी, उत्तरकाशी, नैनीताल व अल्मोड़ा का चयन किया गया है। इन जिलों में फल, सब्जी व पुष्पोत्पादन पर ध्यान केंद्रित करते हुए करीब एक लाख किसानों को इससे जोड़ा जाएगा। किसानों को इन कार्यों के लिए 80 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी। उत्पादों के विपणन की व्यवस्था उत्तराखंड हार्टिकल्चर मार्केटिंग बोर्ड के माध्यम से की जाएगी।

बनेंगे सेंटर आफ एक्सीलेंस

परियोजना के आकार लेने पर तीन सेंटर आफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे। इसके तहत टिहरी में यूरोपियन सब्जी, नैनीताल में कीवी और उत्तरकाशी में अखरोट का सेंटर आफ एक्सीलेंस बनाया जाएगा।

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Edited By: Sunil Negi