गोल्डन कार्ड पैकेज में बदलाव, उत्तराखंड के कर्मचारियों और पेंशनरों की राय से तय होंगी नई दरें
उत्तराखंड में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए गोल्डन कार्ड योजना के तहत उपचार पैकेज और दरों को नए सिरे से निर्धारित करने की तैयारी है।


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राज्य ब्यूरो, देहरादून। उत्तराखंड में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए लागू गोल्डन कार्ड योजना में इलाज के पैकेज को नए सिरे से तय करने की तैयारी है।
विभिन्न उपचारों के लिए पैकेज और उनकी दरें निर्धारित करने से पहले राज्य सरकार अब कर्मचारियों और पेंशनर्स संगठनों की राय लेगी। राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने 30 सितंबर को 13 कर्मचारी-पेंशनर्स संगठनों की बैठक बुलाई है।
प्रस्ताव पर होगा विचार-विमर्श
राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण की ओर से 24 सितंबर को जारी पत्र के अनुसार, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता में 11 अगस्त को हुई बैठक में लिए गए निर्णय के क्रम में यह बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें गोल्डन कार्ड के अंतर्गत विभिन्न उपचारों के लिए राज्य सरकार की अपनी पैकेज निर्धारण प्रणाली लागू करने के प्रस्ताव पर विचार-विमर्श होगा।
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बैठक में उत्तराखंड सचिवालय संघ, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, गवर्नमेंट पेंशनर्स वेलफेयर आर्गनाइजेशन, उत्तराखंड फेडरेशन आफ मिनिस्टीरियल सर्विसेज एसोसिएशन, राजकीय प्राथमिक-जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ, नर्सेज एसोसिएशन, डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन और पेंशनर्स संघ समेत 13 संगठनों को बुलाया गया है। प्रत्येक संगठन से अधिकतम दो प्रतिनिधियों को बैठक में भेजने को कहा गया है।
पैकेज में क्या और दर कितनी, इस पर मंथन
प्रस्तावित व्यवस्था में अलग-अलग बीमारियों और उपचार प्रक्रियाओं के लिए पैकेज तय करने के साथ उनकी दर निर्धारित करने पर चर्चा होगी। यानी गोल्डन कार्ड में किस उपचार को किस पैकेज के तहत रखा जाए और उसके लिए कितनी दर तय हो, इसके लिए राज्य स्तर पर अलग व्यवस्था बनाने की तैयारी है।
वर्तमान में विभिन्न उपचार निर्धारित पैकेज के आधार पर योजना में कवर किए जाते हैं। 30 सितंबर की बैठक में कर्मचारी और पेंशनर्स संगठन प्रस्तावित पैकेज निर्धारण प्रणाली पर अपने सुझाव देंगे। इन संगठनों को योजना का प्रमुख हितधारक माना जाता है, इसलिए नई व्यवस्था तैयार करने से पहले उनकी राय लेने को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
