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फल संरक्षण केंद्र से स्वरोजगार को बढ़ावा, कम लागत में शुद्ध उत्पाद; महिलाओं और युवाओं को मुफ्त प्रशिक्षण

Published: Fri, 23 Oct 2026 11:19 AM (GMT+05:30)

मुनिकीरेती-ढालवाला में उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग का केंद्र लोगों को कम लागत पर शुद्ध और गुणवत्तायुक्त खाद्य उत्पाद उपलब्ध करा रहा है।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

HighLights

  1. कम लागत में शुद्ध, गुणवत्तायुक्त खाद्य उत्पाद उपलब्ध करा रहा।

  2. महिलाओं, युवाओं को खाद्य प्रसंस्करण का निशुल्क प्रशिक्षण प्रदान।

  3. स्वरोजगार को बढ़ावा देकर लघु उद्योग स्थापित करने में सहायक।

मनोज राणा, ऋषिकेश। नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती-ढालवाला के भजनगढ़ में उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग उत्तराखंड की ओर से संचालित राजकीय सामुदायिक फल संरक्षण एवं प्रशिक्षण केंद्र क्षेत्र के लोगों के लिए उपयोगी साबित हो रहा है। बाजार में मिलावट के बीच यह केंद्र कम लागत पर शुद्ध और गुणवत्तायुक्त खाद्य उत्पाद तैयार करने की सुविधा दे रहा है।

इसका लाभ टिहरी गढ़वाल के अलावा देहरादून और पौड़ी जनपद की सीमा से लगे लक्ष्मणझूला, स्वर्गाश्रम, तपोवन और ऋषिकेश के लोग भी उठा रहे हैं। गृहणियां, स्वयं सहायता समूह और छोटे किसान केंद्र पहुंचकर अपने कच्चे माल का प्रसंस्करण करा रहे हैं।

लागत बाजार की तुलना में आधी से भी कम

लोग आम, नींबू, आंवला, टमाटर और लीची जैसे फल-सब्जियां लेकर आते हैं। केंद्र में उपलब्ध आधुनिक मशीनों, बायलर, पल्पर और प्रशिक्षित स्टाफ की मदद से जैम, अचार, चटनी और सास तैयार किए जाते हैं। इससे लोगों को अपने ही कच्चे माल से बना शुद्ध उत्पाद मिलता है और निर्धारित प्रोसेसिंग शुल्क के कारण लागत बाजार की तुलना में आधी से भी कम आती है।

केंद्र प्रभारी जगदीश पुरोहित ने बताया कि यहां जैम, जेली, मुरब्बा, टमाटर सास, टमाटर सूप और चटनी बनाए जाते हैं। संतरा, नींबू, लीची, अनानास और आम पन्ना स्क्वैश के साथ आम, नींबू, मिर्च, लहसुन और आंवले के विभिन्न प्रकार के अचार भी तैयार होते हैं। बुरांश, माल्टा और अन्य फलों के शरबत भी बनाए जा रहे हैं।

स्वरोजगार से जोड़ना उद्देश्य

विभाग का उद्देश्य उत्पाद तैयार करने के साथ लोगों को प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार से जोड़ना है। केंद्र में महिलाओं और युवाओं को खाद्य प्रसंस्करण, पैकेजिंग और मार्केटिंग का निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाता है, ताकि वे अपना लघु उद्योग शुरू कर सकें।

स्थानीय निवासी कलावती रावत, आशा रावत और नरेंद्र जोशी ने सरकार से केंद्र में और आधुनिक मशीनें लगाने तथा इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने की मांग की है, ताकि अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।

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