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लखीमपुर में गांव-गांव पहुंचेगा फल संरक्षण विभाग, प्रशिक्षण लेकर महिलाएं बनेंगी उद्यमी

Published: Fri, 27 Feb 2026 03:22 PM (IST)

फल संरक्षण विभाग ने लखीमपुर में ग्रामीण युवाओं, महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों के लिए दो दिवसीय खाद्य प्रसंस्करण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया।

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जागरण संवाददाता, लखीमपुर। ग्रामीण युवाओं, महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से फल संरक्षण विभाग ने गांव-गांव प्रशिक्षण अभियान शुरू किया है।

इसी क्रम में विकासखंड लखीमपुर की ग्राम पंचायत व न्याय पंचायत लकेसर में मुख्यमंत्री खाद्य प्रसंस्करण ग्राम स्वरोजगार योजना के अंतर्गत दो दिवसीय खाद्य प्रसंस्करण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ ग्राम प्रधान पंकज सिंह ने फीता काटकर एवं मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। समापन प्रधान प्रतिनिधि कृपा शंकर श्रीवास्तव ने किया।

प्रशिक्षण में योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, इकाई स्थापना, उत्पाद निर्माण, पैकेजिंग और विपणन से जुड़ी बारीकियों की विस्तार से जानकारी दी गई।

केंद्र प्रभारी राजेश कुमार पिप्पल, पूर्व प्रभारी रामजी वर्मा, डीआरपी पीयूष सिंह, मास्टर ट्रेनर नेहा वर्मा, शिवकुमार पिप्पल व समाजसेवी जयराम यादव ने प्रतिभागियों को बताया कि योजना के अंतर्गत दो लाख रुपये की खाद्य प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने पर अधिकतम एक लाख रुपये तक का अनुदान विभाग द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा।

प्रशिक्षण में अचार, मुरब्बा, जैम, जेली समेत विभिन्न खाद्य उत्पादों के निर्माण की तकनीक, गुणवत्ता नियंत्रण और आकर्षक पैकेजिंग के बारे में भी जानकारी दी गई।

अधिकारियों ने बताया कि स्थानीय स्तर पर उपलब्ध फल-सब्जियों से उत्पाद तैयार कर ग्रामीण युवा स्वरोजगार शुरू कर सकते हैं और अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं।