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उत्तराखंड में कांग्रेस का सबसे बड़ा नाम... तीन बार संभाली प्रदेश की कमान... कहलाए 'हरदा'

Published: Sat, 12 Sep 2026 10:38 AM (IST)Updated: Sat, 12 Sep 2026 11:00 AM (IST)

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत, जिन्हें प्यार से 'हरदा' कहा जाता है, ने तीन बार राज्य की कमान संभाली।

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत।

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत।

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संक्षेप में पढ़ें

निर्मला बोहरा, उत्तराखंड। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत उत्तराखंड में कांग्रेस के सबसे अहम, खास और वरिष्ठ नेता हैं। हरीश रावत ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है।

हरीश रावत को केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिली। वह तीन बार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री बने। लेकिन वह एक बार फिर अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए। उन्हें सब प्यार से हरदा कहते हैं। आइए जानते हैं हरीश रावत का राजनीतिक सफर..

हरीश रावत का जन्म अल्मोड़ा के मोहनरी गांव में हुआ था। 27 अप्रैल 1948 को अल्मोड़ा के कुमाऊंनी राजपूत परिवार में उनका जन्म हुआ। पिता का नाम राजेंद्र सिंह रावत और मां का नाम देवकी देवी था।

हरीश रावत ने वकालत की पढ़ाई की। हरीश रावत की शुरुआती पढ़ाई गवर्नमेंट इंटर कॉलेज चौनलिया में हुई। इसके बाद हरीश रावत ने लखनऊ यूनिवर्सिटी से बीए और एलएलबी की डिग्री ली। उस समय उत्तराखंड उत्तर प्रदेश में हुआ करता था।

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हरीश रावत ने रेणुका रावत से शादी की। हरीश रावत के तीन बच्चे हैं। बेटे आनंद सिंह रावत भी राजनीति में हैं। बेटी अनुपमा रावत आईटी सेक्टर से हैं और राजनीति में भी हैं। आरती रावत भी इनकी बेटी हैं।

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जब दी मुरली मनोहर जोशी को शिकस्त

हरीश रावत ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत ब्‍लॉक स्‍तर से की। इसके बाद हरीश रावत युवा कांग्रेस के साथ जुड़ गए। साल 1980 में अल्मोड़ा लोकसभा क्षेत्र से भाजपा के बड़े नेता मुरली मनोहर जोशी को हराकर वह संसद पहुंचे।

हरीश रावत को केंद्र में श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री बनाया गया। 1984 में उन्होंने दोबारा मुरली मनोहर जोशी को हराया। 1989 में भी हरीश रावत ने जीत दर्ज की और तीसरी बार लोकसभा पहुंचे।

राजनीतिक सफर

  • 1990 में हरीश रावत संचार मंत्री
  • मार्च 1990 में राजभाषा कमेटी के सदस्य
  • 1992 में अखिल भारतीय कांग्रेस सेवादल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
  • 1999 में हाउस कमेटी के सदस्य
  • 2001 में उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष
  • 2002 वो राज्यसभा के लिए चुने गए
  • 2009 में एक बार फिर लेबर एंड इम्‍प्‍लॉयमेंट के राज्य मंत्री
  • 2011 में राज्य मंत्री, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण इंडस्ट्री के साथ संसदीय कार्य मंत्री
  • 2012 से 2014 तक केंद्रीय मंत्रिमंडल में जल संसाधन मंत्री
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कब-कब बने मुख्यमंत्री

  • एक फरवरी 2014 को हरीश रावत पहली बार उत्तराखंड के सीएम बने।
  • 1 अप्रैल 2016 को वह दोबारा सीएम बने।
  • 11 मई 2016 को फिर से उन्हें सीएम की कुर्सी मिली, 18 मार्च 2017 तक वो सीएम रहे।
  • हरीश रावत ने उत्तराखंड की कमान तीन बार संभाली, लेकिन एक बार फिर वो कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए।

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