पूर्व सीएम हरीश रावत के पीए के घर ईडी छापेमारी, अन्य अधिकारियों की भी बढ़ेगी मुश्किलें
ईडी ने पूर्व मुख्यमंत्री के ओएसडी के घर कार्रवाई के बाद अब UKSSSC के पूर्व अधिकारियों, निजी एजेंसी मालिक और बिचौलियों पर शिकंजा कसा है।
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जागरण संवाददाता, देहरादून। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के पूर्व ओएसडी चंदन सिंह जीना के घर ईडी की कार्रवाई के बाद अब यूकेएसएसएससी के तत्कालीन चेयरमैन, सचिव और परीक्षा नियंत्रक के अलावा ओएमआर प्रोसेसिंग का काम करने वाली निजी कंप्यूटर एजेंसी के मालिक और कथित साजिश में शामिल बिचौलियों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं।
ईडी ने तलाशी अभियान के दौरान यूकेएसएसएससी के कई पूर्व अधिकारियों और उनसे जुड़े लोगों के परिसरों से भी बेहिसाबी नकदी बरामद होने की बात ईडी ने कही है। अलग-अलग ठिकानों से छोटी रकम से लेकर लाखों रुपये तक नकदी मिली।
कुछ स्थानों से सोने के आभूषण भी बरामद किए गए। तलाशी के दौरान संबंधित लोगों के मोबाइल फोन भी फोरेंसिक जांच के लिए जब्त किए गए हैं। चुनाव से ठीक पहले हुई ईडी की कार्रवाई से यूकेएसएसएससी पेपर लीक से जुड़े आरोपितों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।
निजी आवास तक पहुंचाई गईं ओएमआर शीट
ईडी की जांच के अनुसार यूकेएसएसएससी की सुरक्षित अभिरक्षा में रखी ओएमआर उत्तर पुस्तिकाओं को तत्कालीन सचिव के निजी आवास तक पहुंचाया गया था। वहां अधूरी छोड़ी गई ओएमआर शीटों के रोल नंबर नोट किए जाते थे।
इसके बाद इन शीटों को निजी कंप्यूटर एजेंसी के कर्मचारियों को सौंपा जाता था। आरोप है कि कर्मचारियों ने इन ओएमआर शीटों में उत्तरों के बुलबुले धोखाधड़ी से भरने और बदलने का काम किया।
हेराफेरी के बाद शीटों को दोबारा सील कर दिया जाता था। ईडी के अनुसार इस कथित हेराफेरी के एवज में बिचौलियों के माध्यम से अवैध रकम पहुंचाई जाती थी।
ओएमआर हेराफेरी से लेन-देन तक जांच
वीपीडीओ परीक्षा-2016 में ओएमआर शीटों की कथित हेराफेरी से लेकर तत्कालीन यूकेएसएसएससी अधिकारियों, निजी कंप्यूटर एजेंसी और बिचौलियों के बीच कथित लेन-देन तक की पूरी कड़ी अब ईडी की जांच के दायरे में है। एजेंसी ने कहा है कि मामले में आगे की जांच जारी है। ईडी की जांच में कई परतें खुलने के आसार हैं।
