उत्तराखंड में स्थानीय किसानों की बढ़ेगी आय, चंपावत- अल्मोड़ा और रानीखेत में SSB को सप्लाई करेंगे फल-सब्जी
चंपावत, अल्मोड़ा और रानीखेत में एसएसबी इकाइयों को अब स्थानीय किसान ताजे फल-सब्जियां उपलब्ध कराएंगे, जिसके लिए उत्तराखंड औद्यानिक परिषद, एसएसबी और उद्यान विभाग के बीच एमओयू हुआ है।

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HighLights
चंपावत, अल्मोड़ा, रानीखेत में एसएसबी को स्थानीय आपूर्ति।
औद्यानिक परिषद, एसएसबी, उद्यान विभाग के बीच एमओयू।
किसानों की आय बढ़ाने, बाजार विस्तार पर जोर।
राज्य ब्यूरो, देहरादून। भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आइटीबीपी) के बाद अब सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की चंपावत, अल्मोड़ा व रानीखेत स्थित वाहनियों को भी स्थानीय कृषकों और कृषक फेडरेशनों के माध्यम से ताजे फल एवं सब्जियों की नियमित आपूर्ति की जाएगी।
कृषि मंत्री गणेश जोशी की अध्यक्षता में मंगलवार को सर्किट हाउस में हुई उत्तराखंड औद्यानिक परिषद की सामान्य सभा की बैठक में इसके लिए परिषद, एसएसबी की संबंधित वाहनियों और मुख्य व जिला उद्यान अधिकारियों के मध्य त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
बैठक में स्थानीय उत्पादों के लिए बाजार विस्तार व निर्यात को बढ़ावा देने पर जोर दिया। साथ ही गढ़वाल व कुमाऊं मंडलों में एक-एक हाईटेक नर्सरी की स्थापना समेत अन्य निर्णय भी लिए गए।
और क्या जानकारी दी?
इस अवसर पर जानकारी दी गई कि आइटीबीपी के साथ एक अप्रैल को हुए एमओयू के बाद पांच जिलों में स्थित आइटीबीपी की लगभग 12 फारवर्ड पोस्ट को 42,757 किलोग्राम ताजे फल-सब्जियों की आपूर्ति की जा चुकी है।
इसके एवज में स्थानीय किसानों और कृषक फेडरेशनों को 22.70 लाख रुपये का भुगतान हुआ है। बैठक में अक्टूबर से आइटीबीपी को स्थानीय उत्पादों की आपूर्ति 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने पर सहमति बनी। इसके लिए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के ई-खरीद पोर्टल की तर्ज पर समर्पित पोर्टल विकसित किया जाएगा।
बैठक में कृषि एवं औद्यानिकी उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने को कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के सहयोग से एकीकृत पैक हाउस स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसमें छंटाई, ग्रेडिंग, पैकिंग, प्री-कूलिंग और गुणवत्ता परीक्षण की सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध होंगी।
भारतीय पैकेजिंग संस्थान, मुंबई के साथ आधुनिक पैकेजिंग सामग्री के दृष्टिगत एमओयू करने को भी स्वीकृति दी गई। इसके अलावा 40 प्रतिशत गुणवत्तापूर्ण रोपण सामग्री उपलब्ध कराने को कीवी की हाईटेक नर्सरी तथा जाइका पोषित परियोजना के तहत गढ़वाल और कुमाऊं में एक-एक हाईटेक नर्सरी की स्थापना का निर्णय लिया गया।
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इस अवसर पर कृषि मंत्री जोशी ने कहा कि किसानों को बाजार से जोड़कर उनकी आय बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है। इस लिहाज से आइटीबीपी के बाद एसएसबी से हुआ एमओयू महत्वपूर्ण है। बैठक में संयुक्त सचिव वित्त शिवस्वरूप त्रिपाठी, भरसार विवि के कुलपति डा. वीपी भट्ट, उद्यान निदेशक डा. आरके सिंह, परिषद के सीईओ डा नरेंद्र यादव, बागवानी मिशन के निदेशक महेंद्र पाल, बोर्ड के सदस्य संजय थलियाल, मनमोहन भारद्वाज, सौरभ ममगाईं मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
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