उत्तराखंड में तंबाकू-निकोटिन युक्त गुटखा-पान मसाला बेचने पर होगी सख्त कार्रवाई, नियम तोड़ा तो खैर नहीं
प्रदेश में तंबाकू और निकोटिन युक्त गुटखा-पान मसाला की बिक्री, भंडारण और वितरण पर प्रतिबंध एक साल के लिए बढ़ा ...और पढ़ें

प्रतिबंधित उत्पादों के निर्माण से बिक्री तक पर रोक उल्लंघन करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई। सांकेतिक तस्वीर
HighLights
तंबाकू-निकोटिन युक्त गुटखा-पान मसाला पर प्रतिबंध बढ़ा।
बिक्री, भंडारण, वितरण पर होगी सख्त कार्रवाई।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने अधिकारियों को दिए निर्देश।
जागरण संवाददाता, देहरादून। तंबाकू और निकोटिन युक्त गुटखा-पान मसाला बेचने, भंडारण करने या वितरण करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। बता दें कि प्रदेश में इन उत्पादों पर लागू प्रतिबंध की अवधि एक साल बढ़ा दी गई है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने प्रतिबंध का पालन कराने के लिए अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद वर्ष 2019 में पहली बार तंबाकू और निकोटिन युक्त गुटखा, पान मसाला व अन्य संबंधित उत्पादों पर रोक लगाई गई थी। खाद्य सुरक्षा आयुक्त को एक बार में अधिकतम एक वर्ष के लिए प्रतिबंध लगाने का अधिकार है।
इसी व्यवस्था के तहत प्रतिबंध की अवधि पूरी होने पर स्थिति की समीक्षा की जाती है और रोक को आगे बढ़ाया जाता है। इस बार भी समीक्षा के बाद प्रतिबंध एक साल के लिए बढ़ाया गया है। प्रतिबंध का दायरा स्पष्ट है। यह सभी तरह के पान मसाला पर लागू नहीं है, बल्कि तंबाकू और निकोटिन युक्त गुटखा, पान मसाला और अन्य संबंधित उत्पादों पर रोक है।
इसके तहत संबंधित उत्पादों का निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री नहीं की जा सकती। एफडीए के अपर आयुक्त ताजबर सिंह ने बताया कि प्रतिबंध का पालन सुनिश्चित कराने के लिए अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
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स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को आदेश के अनुपालन के लिए कहा गया है। खाद्य सुरक्षा विभाग के मंडलीय और जिला स्तरीय अधिकारी प्रतिबंधित उत्पादों के निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री पर निगरानी रखेंगे और उल्लंघन मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई करेंगे।
