उत्तराखंड में बिजली संकट गहराया, बाहर से पूरी हुई 45 प्रतिशत जरूरत
उत्तराखंड में मार्च महीने में बिजली की मांग और आपूर्ति में भारी अंतर देखा गया। बढ़ती गर्मी, औद्योगिक गतिविधियों और ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
HighLights
मार्च में बिजली की मांग-आपूर्ति में बड़ा अंतर।
बढ़ती गर्मी, उद्योग से मांग बढ़ी; उत्पादन घटा।
बाहरी खरीद से पूरी हुई 45% बिजली की जरूरत।
राज्य ब्यूरो, जागरण, देहरादून। मौसम के करवट लेते ही उत्तराखंड में पावर सिस्टम दबाव में आ गया। ऊर्जा विभाग की रिपोर्ट के अनुसार मार्च महीने में बिजली की मांग और आपूर्ति के बीच बड़ा अंतर देखने को मिला। बाहरी स्रोतों से बिजली की खरीदकर आपूर्ति को संभाला गया। आंकड़े बताते हैं कि आने वाले महीनों में गर्मी बढ़ने के साथ यह दबाव बढ़ सकता है।
मार्च में राज्य का कुल बिजली उत्पादन (हाइड्रो शेयर छोड़कर) 218.30 मिलियन यूनिट रहा, जबकि केंद्रीय और अन्य हिस्सेदारी मिलाकर कुल उपलब्धता 587.88 मिलियन यूनिट रही। इसके मुकाबले राज्य की कुल बिजली मांग 1079.92 मिलियन यूनिट तक पहुंच गई। इस तरह पूरे महीने में करीब 492.03 मिलियन यूनिट की भारी कमी दर्ज की गई।
उद्योग और गर्मी का असर
मार्च में तापमान बढ़ने, औद्योगिक गतिविधियों और सिंचाई की जरूरतों के चलते बिजली की मांग में तेज उछाल आया। वहीं, जलस्तर कम होने से हाइड्रो प्रोजेक्ट्स का उत्पादन प्रभावित हुआ, जिससे संकट और गहरा गया।
बिल पर भी पड़ेगा असर
ऊर्जा विशेषज्ञ मानते हैं कि महंगी दरों पर की गई इस अतिरिक्त खरीद का असर उपभोक्ताओं पर पड़ना तय है। यही कारण है कि अप्रैल से फ्यूल व बिजली खरीद सरचार्ज लागू किया गया है, जिससे बिजली बिल में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।
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मांग में उछाल, उत्पादन में गिरावट
औसतन प्रतिदिन राज्य की बिजली मांग करीब 40 मिलियन यूनिट रही, जबकि उपलब्धता सिर्फ 21.77 मिलियन यूनिट के आसपास रही। खास बात यह रही कि महीने के दूसरे पखवाड़े में उत्पादन तेजी से गिरा, 12 मार्च के बाद कई दिनों तक राज्य उत्पादन 6 से 7 मिलियन यूनिट तक सिमट गया, जबकि मांग 42-44 मिलियन यूनिट तक पहुंच गई। 12 मार्च को स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर रही, जब 21.53 मिलियन यूनिट की कमी के बीच 15.12 मिलियन यूनिट बिजली बाजार से खरीदनी पड़ी।
ऐसे पूरी हुई कमी
- पावर एक्सचेंज से 150.39 मिलियन यूनिट बिजली खरीदी गई
- अन्य राज्यों से बैंकिंग के जरिए 341.02 मिलियन यूनिट बिजली ली गई
- कुछ दिनों में ओवर ड्रा- अंडर ड्रा के जरिए ग्रिड संतुलन बनाया गया
