राज्य ब्यूरो, देहरादून। Uttarakhand Election 2022 भाजपा के कोर ग्रुप और प्रदेश संसदीय समिति की शनिवार को होने वाली बैठक में टिकट के दावेदारों के पैनल को अंतिम रूप दिए जाने के मद्देनजर कई विधायकों और दावेदारों ने दून में डेरा जमाए बैठे हैं। शुक्रवार को उन्होंने पार्टी के प्रांतीय पदाधिकारियों और वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। शाम को पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से भी कुछ विधायक मिले। इस सबको देखते हुए दून में चुनावी गहमागहमी बढ़ गई है।

पिछले विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत हासिल करने वाली भाजपा के सामने इस बार टिकट वितरण किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। तब भाजपा ने विधानसभा की 70 में से 57 सीटें जीतकर इतिहास रचा था। इस बीच पांचवीं विधानसभा के चुनाव का एलान होने से पहले भाजपा ने अपने सभी विधायकों की परफार्मेंस को लेकर सर्वे कराया। इसमें कई विधायक कसौटी पर खरे नहीं उतर पाए। यही नहीं, विधानसभा क्षेत्रों में कई नए दावेदार भी उभरकर सामने आए हैं। इस सबके चलते कुछ विधायक टिकट कटने को लेकर सशंकित हैं।

विधायकों और टिकट के दावेदारों की शुक्रवार से देहरादून में सक्रियता को इसी आशंका से जोड़कर देखा जा रहा है। कुछ विधायकों ने प्रदेश भाजपा कार्यालय में पार्टी के प्रांतीय पदाधिकारियों से मुलाकात की तो कुछ ने प्रदेश अध्यक्ष समेत प्रदेश प्रभारियों से भेंट कर उनके समक्ष अपनी बात रखी।

देर शाम को पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से भी उनके डिफेंस कालोनी स्थित आवास पर कुछ विधायकों ने मुलाकात की। इनमें दिलीप रावत, धन सिंह नेगी, विजयपाल सिंह पंवार, मुकेश कोली समेत अन्य विधायक शामिल थे। यद्यपि, इस मुलाकात को सामान्य शिष्टाचार भेंट बताया गया, लेकिन माना जा रहा कि इस दौरान टिकट वितरण के विषय पर चर्चा हुई। दून में दिनभर की इस गहमागहमी को देखते हुए अब सभी की नजरें शनिवार को होने वाली कोर गु्रप और पार्टी की संसदीय समिति की बैठक पर टिकी हैं।

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Edited By: Raksha Panthri