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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 14, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Holi 2025 Holiday: उत्तराखंड में पर्वतीय होली पर रहेगा सार्वजनिक अवकाश, किन-किन संस्थानों में रहेगी छुट्टी?

Published: Fri, 14 Mar 2025 11:18 PM (IST)

उत्तराखंड सरकार ने पर्वतीय होली के अवसर पर 15 मार्च को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। यह अवकाश राज्य के ...और पढ़ें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी - फाइल फोटो।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी - फाइल फोटो।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। उत्तराखंड सरकार ने प्रदेशवासियों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए पर्वतीय होली (Parvatiya Holi) के अवसर पर 15 मार्च, शनिवार को सार्वजनिक अवकाश (Public Holiday) घोषित किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार यह अवकाश राज्य के समस्त शासकीय/अशासकीय कार्यालयों (Government/Non-Government Offices) और शैक्षणिक संस्थानों/विद्यालयों (Educational Institutions/Schools) में लागू होगा।

किन-किन संस्थानों में रहेगा अवकाश?

इस निर्णय के तहत उत्तराखंड राज्य के सभी सरकारी और गैर-सरकारी कार्यालयों, शिक्षण संस्थानों एवं विद्यालयों में कार्य स्थगित रहेगा। हालांकि, यह अवकाश बैंकों, कोषागारों एवं उप कोषागारों (Banks, Treasuries & Sub-Treasuries) पर लागू नहीं होगा, जिससे वित्तीय कार्य प्रभावित न हों।

पर्वतीय संस्कृति को सम्मान देने की पहल

उत्तराखंड सरकार द्वारा लिया गया यह निर्णय प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत (Cultural Heritage) और पारंपरिक पर्वतीय होली (Traditional Parvatiya Holi) के महत्व को दर्शाता है। सरकार का यह कदम पर्वतीय क्षेत्र के नागरिकों को अपने पारंपरिक त्योहार को पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाने का अवसर प्रदान करेगा।

प्रदेश सरकार ने जनभावनाओं का सम्मान करते हुए यह अवकाश घोषित किया है, जिससे पर्वतीय होली की सांस्कृतिक पहचान (Cultural Identity) को मजबूती मिलेगी और उत्तराखंड की लोकपरंपराओं को बढ़ावा मिलेगा।

पर्वतीय होली: उत्तराखंड की अनोखी लोक परंपरा

पर्वतीय होली (Parvatiya Holi) उत्तराखंड के कुमाऊं और गढ़वाल क्षेत्रों में मनाया जाने वाला एक विशेष लोक उत्सव है, जो रंगों और संगीत के साथ मनाया जाता है। यह होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि संस्कृति, संगीत, भक्ति और सामूहिक उल्लास का भी प्रतीक है।

गायन और संगीत से जुड़ी होली

अन्य क्षेत्रों में होली जहां मुख्य रूप से रंग खेलने और होलिका दहन से जुड़ी होती है, वहीं उत्तराखंड की पर्वतीय होली गायन और संगीत (Singing & Music) पर आधारित होती है। इस दौरान शास्त्रीय रागों (Classical Ragas) में होली गीत गाए जाते हैं, जो पूरे वातावरण को भक्तिमय और आनंदमय बना देते हैं।

पर्वतीय होली का सांस्कृतिक महत्व

उत्तराखंड की पर्वतीय होली सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि राज्य की सांस्कृतिक धरोहर (Cultural Heritage) का हिस्सा है। यह होली उत्तर भारत में मनाई जाने वाली अन्य होलियों से अलग है क्योंकि इसमें शास्त्रीय संगीत, भक्ति और सामूहिक सहभागिता का विशेष योगदान होता है।

यह पर्व समाज में प्रेम, सौहार्द और भाईचारे का संदेश देता है। उत्तराखंड सरकार द्वारा पर्वतीय होली के दिन सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाना, इस अनूठी परंपरा को सम्मान देने और आने वाली पीढ़ियों तक इसे संरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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