जागरण संवाददाता, देहरादून: दिल्ली में कारतूस के साथ गिरफ्तार हुए रायल आर्म्स के संचालक परीक्षित नेगी के बारे में देहरादून पुलिस ने जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। पुलिस के हाथ अब तक लगी जानकारी में पता लगा है कि परीक्षित नेगी के पास अमृतसर स्थित गन हाउस में 14 हजार कारतूस बेचने का लाइसेंस व ट्रांसपोर्ट लाइसेंस था। उसने मई महीने में तीन महीने के लिए ट्रांसपोर्ट लाइसेंस बनाया था। लेकिन वह कारतूस लेकर दिल्ली कैसे पहुंचा यह जांच का विषय है।

दिल्ली में घटना का पर्दाफाश होने के बाद शुक्रवार रात को एसएसपी ने पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक भी की। एसएसपी दलीप सिंह कुंवर ने बताया कि इस मामले की जानकारी मिली है। पुलिस ने अपने स्तर पर गन हाउस के बारे में जानकारी एकत्र कर रही है। अभी दुकान बंद है, ऐसे में उसके स्वजन का पता करवाया जा रहा है। उसने कितने कारतूस बेचे और इसका रिकार्ड उसके पास है कि नहीं इसकी जांच होगी।

अधिकतर बंद ही रहती है रायल आर्म्स दुकान

दिल्ली में गिरफ्तार हुए परीक्षित नेगी की देहरादून के राजीव भवन कांप्लेक्स में स्थित रायल आर्म्स नाम की दुकान का शटर अधिकतर समय बंद ही रहता है। पड़ोस में रहने वाले दुकानदारों को यह भी नहीं पता कि उसने अंतिम बार दुकान का शटर कब खोला था।

दुकानदारों ने बताया कि दुकान का मालिक कभी-कभार ही दुकान खोलता है। वह अक्सर बाहर ही रहता है। दुकान के अंदर क्या-क्या सामान है इसकी भी उन्हें जानकारी नहीं है। बताया जा रहा है कि परीक्षित नेगी ने 2019 में यह दुकान ली थी। दुकान में एक अन्य के पार्टनर होने की भी सूचना है।

गन हाउसों की आज हो सकती है चेकिंग

आज शनिवार को पुलिस व जिला प्रशासन की टीम गन हाउसों की चेकिंग शुरू कर सकती है। शहर में केवल सात गन हाउस हैं, लेकिन इसके बावजूद भी गन हाउसों की चेकिंग समय पर नहीं होती। जिलाधिकारी सोनिका ने बताया कि गन हाउस के संचालक की भूमिका संदिग्ध हो सकती है, इस मामले में कोई रिपोर्ट नहीं मिली थी।

यह है पूरा मामला

आज शुक्रवार को पूर्वी दिल्‍ली (Delhi Crime) के आनंद विहार थाना पुलिस ने कारतूसों की तस्करी के आरोप में देहरादून के एक गन हाउस मालिक उसके दो गुर्गे व जौनपुर के एक बदमाश के तीन गुर्गे को आनंद विहार बस अड्डा से गिरफ्तार किया है।

  • इनके कब्जे से 2251 कारतूस बरामद किए गए हैं, जो आठ तरह के लाइसेंसी हथियारों के हैं।
  • मेरठ के जेल में बंद बदमाश अनिल व जौनपुर के एक गैंगस्टर के इशारे पर उक्त कारतूस देहरादून के रायल गन हाउस से पांच लाख रुपये में खरीदे गए थे।

उक्त कारतूसों को ट्राली बैग में रखकर दो आरोपित जब आनंद बस अडडा से बस से लखनऊ ले जाने की कोशिश कर रहे थे तभी स्वतंत्रता दिवस के मददेनजर सघन चौकसी के कारण जांच के दौरान वे पुलिस के हत्थे चढ़ गए।

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Edited By: Sunil Negi