जागरण संवाददाता, देहरादून। Uttarakhand Assembly Elections 2022: आज देहरादून में प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने उत्‍तराखंड की 18 हजार करोड़ की विकास परियोजनाओं का शिलान्‍यास किया। इस दौरान उन्‍होंने विजय संकल्‍प रैली को संबोधित किया। इससे पहले मुख्‍यमंत्री पुष्‍कर सिंह धामी ने भी जनसभा को संबोधित किया। उन्‍होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने देहरादून पहुंचकर विकास की इस यात्रा को और अधिक गति देने जा रहे हैं। हम आपका हार्दिक अभिनंदन करते हैं।

सीएम धामी ने कहा सुरक्षित आपके हाथों में संपूर्ण भारतवर्ष है, आपके आशीष से ही संवरता तरूण प्रदेश है, आपके आह्वान पर करोड़ों जन चल पड़े स्वयं पर विश्वास दृढ़कर, विकास पथ पर बढ़ चले आपके अनुराग पर पर्वतजनों को नाज है, आगमन से आपके पुलकित पर्वत राज है।

सीएम धामी ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि आज हमारा देश नरेन्‍द्र मादी के अथक परिश्रम एवं कुशल नेतृत्व में विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़ रहा है। बाबा केदार, भगवान बदरी विशाल एवं समस्त देवी-देवताओं का आशीर्वाद आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी पर हमेशा बना रहे, जिससे आपके नेतृत्व में भारत नित नई ऊंचाईयों को प्राप्त करता रहे।

कहा विकास का ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है जिसको प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा शुरू की गई योजनाओं से लाभ न मिल पाया हो। आपकी सोच व्यापक रही है, यह केंद्र सरकार द्वारा संचालित अनेकों जनकल्याणकारी योजनाओं से प्रदर्शित होता है। भगवान श्रीराम मानव दर्शन के साक्षात आदर्श प्रतिबिंब हैं। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के मंदिर के पुनर्निर्माण का कार्य जो वर्षों से लंबित था वो प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र के चमत्कारिक नेतृत्व में एक अद्भुत आकार ले रहा है।

कहा कोविड-19 काल में जहां विश्व के बड़े से बड़े देश असहाय हो गए, वहीं आपके कुशल नेतृत्व में भारत न केवल महामारी का सामना करने में सफल रहा, बल्कि विश्व के अन्य देशों को भी भारत मे निर्मित वैक्सीन देकर हमने ‘विश्व गुरु’ होने का अपना दायित्व निभाया।

सीएम धामी ने कहा प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र के मार्गदर्शन और केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में पिछले पांच वर्षों में करीब एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाएं प्रदेश के लिये स्वीकृत हुई हैं। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र उत्तराखंड के विकास और यहां से जुड़ी योजनाओं की प्रगति पर पूर्ण गंभीरता से निगरानी रखते हैं और ये जग जाहिर है कि देवभूमि से आपकी अटूट आत्मीयता कितनी घनिष्ठ है।

कहा उत्तराखंड वीरों की भूमि है। यहां के जवानों ने हमेशा मां भारती के शीश को ऊंचा उठाए रखने का कार्य किया है। मुझे गर्व है कि मेरे जैसे एक सामान्य परिवार से आने वाले सैनिक पुत्र को मुख्य सेवक के रूप में इस माटी की सेवा करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।

कहा-शीघ्र ही चुनाव आने वाले हैं और आप देखेंगे ऐसे समय पर ये स्वार्थी तत्व अपना असली रूप दिखाएंगे। यह सोचनीय है कि हमेशा सनातन संस्कृति के प्रतीकों का अपमान करने वाले ऐसे लोग चुनावों के समय मंदिरों में भागे भागे फिरते हैं।

कहा कि हमारे देश में कुछ स्वार्थी तत्व दीमक के समान हैं जिन्होंने अपने परिवार का तो विकास किया परन्तु देश को खोखला करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। हमें ऐसे तत्वों से सावधान रहना है क्योंकि ये आज भी परिवार और परिवारवाद की राजनीति से ऊपर नहीं उठ पाए हैं।

हमारे प्रदेश में भी ऐसे दल और नेता हैं जो साढ़े चार वर्षों के बाद पुनः सक्रिय होकर जनता को बरगलाने में जुटे हुए हैं, हालांकि मैं उनका पूरा सम्मान करता हूं पर ये नहीं भूल पाता हूं कि जब वे सरकार में थे तो 'भ्रष्टाचार के मसीहा' साबित हुए थे। ये सर्जिकल स्ट्राइक का सबूत मांगने वाले भी विशुद्ध रूप से देश के दुश्मन ही हैं, ऐसे लोग आजकल आप लोगों के बीच आकर चिकनी चुपड़ी बाते कर रहे होंगे पर आप इन्हें अपने वोट की चोट से ही माकूल जवाब दे सकते हैं।

सीएम धामी ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि माननीय प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के निर्देशन में जब राज्य स्थापना का रजत जयंती वर्ष को मना रहा होगा तब उत्तराखंड देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बने। हमें विश्वास है कि आप सभी के सहयोग से हम इस लक्ष्य को अवश्य हासिल करेंगे। हमारा उत्तराखंड विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसकी गति को बनाए रखने के लिए जरूरी है "डबल इंजन" की सरकार का कायम रहना। जिससे प्रदेश का विकास निर्बाध गति से होता रहे।

हमारा संकल्प है विकास का, हमारा संकल्प है उन्नति का, हमारा संकल्प है समृद्धि का, हमारा संकल्प है प्रगति का, हमारा संकल्प है श्रेष्ठता का यही 'विकल्प रहित संकल्प' लेकर हम प्रदेश का विकास सुनिश्चित करने की ओर बढ़ रहे हैं।

अंत में सीएम धामी ने कुछ पंक्‍तियों से अपना भाषण खत्‍म किया।

निर्भय हो निज कर्मक्षेत्र में रूकें न हम, बढ़ते ही जाएं,

विजय शिखर पर दृढ़ प्रतिज्ञ हों हम, सदैव चढ़ते ही जाएं,

भय से कातर हों न कभी हम, नहीं निराशा मन में लाएं,

करें पूर्ण निज ध्येय निरंतर, जीवन का पुरूषार्थ दिखाएं।

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Edited By: Sunil Negi