यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 01, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
उत्तराखंड विधानसभा बजट सत्र में महंगाई और आपदा पर आक्रामक रहेगी कांग्रेस
चुनावी वर्ष में गैरसैंण में हो रहे इस साल के पहले विधानसभा सत्र में कांग्रेस के तीखे तेवरों से सरकार ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, देहरादून। Uttarakhand Assembly Budget Sesion चुनावी वर्ष में गैरसैंण में हो रहे इस साल के पहले विधानसभा सत्र में कांग्रेस के तीखे तेवरों से सरकार को जूझना पड़ेगा। बजट सत्र में जनता की उम्मीदों को गुलाबी रंगत देने की सरकार की कोशिशों के जवाब में महंगाई, बेरोजगारी और आपदा प्रबंधन में खामियों को निशाना बनाने की तैयारी है। रविवार को गैरसैंण में नेता प्रतिपक्ष डा इंदिरा हृदयेश की अध्यक्षता में कांग्रेस विधानमंडल दल की बैठक में सत्र में सरकार को घेरने के लिए आक्रामक रणनीति को अंतिम रूप दिया गया। कांग्रेस लंबे अरसे से सरकार के खिलाफ तीखे मुद्दों को धार देने में जुटी है।
सोमवार से गैरसैंण में प्रारंभ हो रहे बजट सत्र को लेकर कांग्रेस ने पुख्ता रणनीति तैयार की है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डा इंदिरा हृदयेश ने बताया कि पार्टी विधानमंडल दल सरकार की खामियों और जनता की आवाज सदन में बुलंद करेगा। जनता आज सबसे ज्यादा त्रस्त महंगाई से है। रसोई गैस और पेट्रोल-डीजल के दामों में वृद्धि रुकने का नाम नहीं ले रही है। आम गृहणी त्राहि-त्राहि कर रही है। सत्तामद में बैठे लोग जनता का दर्द महसूस करने को तैयार नहीं है।
चमोली में आपदा प्रबंधन की हालत ये है कि अभी तक तपोवन टनल से पानी और मलबा निकाला नहीं जा सका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सच को नजरअंदाज कर झूठ के पुलिंदों से जनता की आवाज दबा नहीं सकती। विधायकों ने सरकार पर विपक्षी सदस्यों के विधानसभा क्षेत्रों की उपेक्षा करने का मुद्दा उठाया। तय किया गया कि इस भेदभाव को सदन में प्रमुखता से उठाया जाएगा।
सोमवार को राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान कांग्रेस भी कांग्रेस के तेवर तल्ख दिखाई दे सकते हैं। बैठक में उपनेता प्रतिपक्ष करन माहरा, गोविंद सिंह कुंजवाल, हरीश धामी व आदेश कुमार चौहान मौजूद रहे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष व चकराता विधायक प्रीतम सिंह और पार्टी के अन्य विधायक सोमवार को गैरसैंण पहुंचेंगे।
