देहरादून [राज्य ब्यूरो]: बार-बार सड़क सुरक्षा के नियमों का उलंघन करने वाले चालकों पर नकेल कसने के लिए पुलिस और परिवहन विभाग ने कमर कस ली है। अब गाड़ी चलाते हुए मोबाइल पर बात करना हो या ओवरस्पीडिंग करना महंगा पड़ सकता है।

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मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह की अध्यक्षता में उत्तराखंड राज्य सड़क सुरक्षा एवं दुर्घटना न्यूनीकरण अनुश्रवण समिति की बैठक हुई। बैठक में बताया गया कि शराब पीकर गाड़ी चलाने, ओवर स्पीडिंग, मोबाइल पर बात करने सहित अन्य सड़क सुरक्षा के नियमों का तीन बार उल्लंघन करने पर ड्राइविंग लाइसेंस तीन माह के लिए निलंबित कर दिया जाएगा।

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इस तरह के अपराध बार-बार करने पर लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा। सड़क सुरक्षा को नियमित करने के लिए 12 करोड़ रुपये का सड़क सुरक्षा फंड बनाया गया है। राज्य के विभिन्न स्थानों पर सड़क दुर्घटना के 93 ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए हैं।

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इस स्थानों पर क्रेश बैरियर व पैराफिट लगाए गए हैं। इसके अलावा इन स्थानों पर दुर्घटना रोकने के लिए विशेष सावधानी बरती जा रही है। प्रदेश में विभिन्न मोड़ों पर ट्रैफिक व दुर्घटना का कारक बन रहे होर्डिंग्स भी हटा दिए गए हैं।

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बैठक के दौरान यह भी बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार प्रदेश में राज्य सड़क सुरक्षा परिषद का गठन किया गया है। इसमें शहरी विकास, मनोरंजन कर, स्वास्थ्य, शिक्षा व आबकारी विभाग आदि को भी परिवहन के साथ जोड़ा गया है।
बैठक में प्रमुख सचिव गृह उमाकांत पंवार, सचिव लोक निर्माण विभाग डीएस गब्रयाल, सचिव परिवहन सीएस नपलच्याल, सचिव स्वास्थ्य भूपिंदर कौर औलख व पुलिस महानिरीक्षक दीपम सेठ उपस्थित थे।
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Posted By: Bhanu

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