जागरण संवाददाता, देहरादून। समान कार्य समान वेतन और नियमितीकरण की मांग को लेकर 55 दिन से धरने पर बैठे उपनल कर्मियों का आंदोलन आखिरकार समाप्त हो गया। दिनभर चले हंगामे और शाम को ड्रामे के बाद रात को धरना स्थल पर पहुंचे कैबिनेट मंत्री हरक सिंह और गणेश जोशी ने मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। जिस पर उपनल कर्मियों ने आंदोलन समाप्त कर ड्यूटी पर लौटने का निर्णय लिया।

शनिवार को सुबह से देर रात चली सरगर्मी के बाद उपनल कर्मियों का आंदोलन समाप्त हो गया है। रात करीब नौ बजे काबीना मंत्री गणेश जोशी एयर हरक सिंह रावत एकता विहार स्थित धरना स्थल पहुंचे। उन्होंने कर्मियों को आश्वासन दिया कि मुख्यमंत्री से सकारात्मक संकेत मिले हैं। 22 अप्रैल को मंत्रिमंडल की बैठक में उपनल कर्मियों की मांगों को रखा जाएगा। साथ ही मांगों पर उचित करवाई की जाएगी।

इस पर उपनल कर्मचारी महासंघ ने सोमवार से ड्यूटी पर लौटने का एलान किया। इससे पहले शाम को तीन कर्मचारी परेड ग्राउंड स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गए। मांगों पर कार्रवाई को लेकर कर्मचारी नारेबाजी करते रहे। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने तीनों कर्मचारियों को सुरक्षित नीचे उतारा। दिन में मुख्यमंत्री आवास कूच के दौरान धक्का मुक्की के बाद उपनल कर्मियों ने शाम को टंकी पर चढ़कर हंगामा किया। पुलिस की ओर से कुछ उपनल कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की बात भी कही गई है।

कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि कोई भी कर्मचारी बर्खास्त नहीं होगा। उन्हें मानदेय और उनका अधिकार दिया जाएगा। सरकार कर्मचारियों के हित को लेकर गंभीर है। वहीं, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी का कहना है कि हम कर्मचारियों की पीड़ा अच्छी तरह समझते हैं। मुख्यमंत्री ने सकारात्मक संकेत दिए हैं। किसी भी कीमत पर कर्मचारियों को नही निकाला जाएगा। जल्द ही मांगों को लेकर प्रस्ताव पास किया जाएगा।

उपनल कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष कुशाग्र जोशी ने कहा, काबीना मंत्री हरक सिंह रावत और गणेश जोशी ने आश्वासन दिया है कि 22 अप्रैल को उपनल कॢमयों की मांग कैबिनेट मीटिंग में रखी जाएगी। जिस पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस पर आंदोलन समाप्त कर दिया गया है। सोमवार से सभी कर्मी ड्यूटी पर लौटेंगे।

सुबह से भाषणबाजी, दोपहर बाद किया कूच

उपनल कर्मचारी महासंघ सुबह धरना स्थल से परेड ग्राउंड पहुंचे जहां घंटों उनकी भाषणबाजी चलती रही। परेड ग्राउंड में बड़ी संख्या में बैठे उपनल कर्मियों को महासंघ के पदाधिकारियों और राजनीतिक दलों के नेताओं ने संबोधित किया। यहां वे अन्य जिलों से आ रहे कर्मचारियों का भी इंतजार करते रहे। हालांकि, दून की सीमाओं पर पुलिस ने ज्यादातर को रोक दिया और शहर में प्रवेश नहीं दिया गया। इसके बाद करीब पौने दो बजे परेड ग्राउंड से नोरबाजी करते हुए कर्मचारी निकले। हालांकि, कांग्रेस भवन के पास झमाझम बारिश होने के कारण काफी देर जुलूस रुका भी रहा। इसके बाद धीरे-धीरे कर्मचारी हाथीबड़कला पहुंचे। जहां पहले से मौजूद पुलिस कर्मियों ने उन्हें बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। यहां कर्मचारियों ने सड़क पर बैठकर नारेबाजी की। साथ ही महासंघ के पदाधिकारियों ने शासन पर निशाना साधा।

धक्का-मुक्की के बीच पुलिस पर फेंके पत्थर

हाथीबड़कला में बैरिकेडिंग पर रोके जाने के बाद आक्रोशित उपनल कर्मचारियों ने पुलिस के साथ जमकर धक्का-मुक्की की। इस टकराव दौरान ही पीछे से कुछ उपनल कर्मियों ने पहले पानी की खाली बोतलें पुलिस की तरफ फेंकी, इसके बाद डंडे और फिर पत्थर फेंकने लगे। एक बड़ा पत्थर अचानक पुलिस कर्मियों की ओर उड़ता हुआ आया और महिला पुलिस कर्मियों के हेलमेट को छूता हुआ बैरिकेडिंग पर टकराया। आलम यह था कि पुलिस और मीडिया कर्मियों के सिर फूटने से बाल-बाल बचे। हालांकि, उपनल कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारियों की फटकार के बाद कर्मचारी शांत हो गए।

दून अस्पताल में ड्यूटी पर लौटे संविदा कर्मी

काबीना मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत और गणेश जोशी के आश्वासन के बाद दून अस्पताल के कर्मचारी शनिवार देर शाम काम पर वापस लौट आए है। उन्होंने कॉलेज पहुंचकर ज्वाइन कर लिया। वह रविवार से जांच और वार्डों का कार्य करेंगे। करीब दो माह से वह अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर थे, जिससे दून अस्पताल में जांच से लेकर वार्डों एवं ओपीडी में कार्य प्रभावित हो रहा था। अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें 17 अप्रैल तक लौटने की चेतावनी, नहीं तो उन्हें हटाए जाने का आदेश जारी किया था।

धक्का-मुक्की में पुलिस के फूले हाथ-पांव

उपनल कर्मियों की ओर से की गई धक्का-मुक्की ने कई पुलिस अधिकारियों के हाथ-पांव फुला दिए। सीओ सिटी शेखर सुयाल पुलिस बल और कर्मचारियों के बीच फंस गए। दोनों ओर से जोर आजमाईश के चलते उनकी हालत खराब हो गई। तब उन्होंने किनारे जाकर खुले में सांस ली और कुछ आराम किया।

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