जागरण संवाददाता, ऋषिकेश :

नगर क्षेत्र में संभागीय परिवहन प्राधिकरण ने प्रदूषण की बढ़ती समस्या को देखते हुए सीएनजी विक्रम ऑटो के नए फ्री परमिट जारी करना प्रस्तावित किया है। जिसका परिवहन महासंघ ने विरोध किया है। महासंघ ने कहा कि ऋषिकेश में पहले ही तिपहिया वाहनों की संख्या बहुत अधिक है। जिससे जाम की समस्या पैदा हो रही है।

उत्तराखंड परिवहन महासंघ ने शुक्रवार को सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी डॉ. अनीता चमोला को ज्ञापन सौंपा। सचिव आरटीए को संबोधित ज्ञापन में उन्होंने कहा कि प्राधिकरण सीएनजी विक्रम और ऑटो के नए फ्री परमिट जारी करने पर विचार कर रही है। प्राधिकरण द्वारा 31 अक्टूबर तक इस पर आपत्ति मांगी गई थी। जिस पर विक्रम मालिक चालक एसोसिएशन ने आपत्ति दर्ज करा दी थी। महासंघ का कहना है कि ऋषिकेश शहर में लगभग 1200 ऑटो एवं विक्रम संचालित हैं। इनका संचालन शहर में 25 किलोमीटर की परिधि में होता है। एक किलोमीटर की दूरी में 35 ऑटो विक्रम का संचालन होता है। हरिद्वार रोड को छोड़कर शहर में अतिक्रमण के कारण सभी मार्ग काफी संकरे हैं। यहां भारी वाहन का प्रवेश वर्जित है। महासंघ ने बताया कि पूर्व में भी फ्री परमिट पॉलिसी का भारी विरोध हुआ था। हरिद्वार और ऋषिकेश के मिलाकर 2500 तिपहिया वाहन यहां चल रहे हैं। भारी जाम और लोगों की जानमाल की सुरक्षा को देखकर ही परमिट का विरोध किया गया था। परिवहन महासंघ ने कहां की पूर्व में भी भारी जाम और प्रदूषण की समस्या को देखते हुए नए परमिट जारी किए जाने का विरोध किया गया था। अब सीएनजी वाहनों पर फ्री परमिट देने का विचार हो रहा है। महासंघ ने सुझाव दिया कि जिन वाहनों की आयु सीमा पूर्ण हो रही है। वहां नए वाहनों को सीएनजी परमिट जारी किए जा सकते हैं। ज्ञापन देने वालों में महासंघ की कार्यकारी अध्यक्ष मनोज ध्यानी, फेरू जगवानी, त्रिलोक भंडारी, राजेन्द्र लांबा, द्वारिका प्रसाद, पुरुषोत्तम भद्री, भूदेव गोस्वामी, ऋषि पाल कश्यप, प्रवीण नौटियाल, सचिन अग्रवाल, रामाशीष राजभर आदि शामिल रहे।

Posted By: Jagran

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