संवाद सहयोगी, विकासनगर: ग्राम भीमावाला में नारी शक्ति प्रदेश संगठन के तत्वावधान में आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में महिलाओं को होली के लिए रंग बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। इस अवसर पर संगठन की अध्यक्ष गीता मौर्या ने कहा कि महिलाएं रंग बनाकर होली के पर्व पर अच्छी खासी आय अर्जित कर सकती हैं। इसके साथ ही महिलाओं की ओर से बनाए जाने वाले रंगों से त्वचा को किसी प्रकार का नुकसान भी नहीं पहुंचेगा।

भीमावाला में आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में महिला समूह से जुड़ी महिलाओं ने होली पर प्रयोग किए जाने वाले रंग तैयार करने के लिए ग्रामीण महिलाओं को प्रशिक्षित किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में कहा कि इससे ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी। इस मौके पर नारी शक्ति संगठन की प्रदेश अध्यक्ष गीता मौर्या ने कहा कि होली के अवसर पर बाजारों में मिलने वाले रंग रासायनिक पदार्थों से तैयार किए जाते हैं। इन रंगों के प्रयोग से त्वचा को काफी नुकसान पहुंचता है। इसके अलावा इस प्रकार के रंग काफी महंगे भी मिलते हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण महिलाओं की ओर से तैयार किए जाने वाले जैविक रंग न सिर्फ त्वचा के लिए पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे, बल्कि यह कम कीमत पर भी उपलब्ध हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि रंग बनाने से ग्रामीण महिलाओं को होली के अवसर पर अच्छी आय कमाने का मौका भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि महिला समूहों के माध्यम से तैयार किए जाने वाले रंगों को स्थानीय बाजारों में विक्रय किया जाएगा। इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता सायरा आजाद, सुनीता गुलेरिया, फरजाना, राकेश देवी, सपना, पुष्पा त्यागी उपस्थित रहीं।

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