जागरण संवाददाता, ऋषिकेश :

गंगा के कौडियाला-मुनिकीरेती इको टूरिज्म जोन में रिवर राफ्टिंग खुलने के बाद गंगा घाटी पर्यटकों से गुलजार हो गई है। सप्ताहांत पर बड़ी संख्या में पर्यटकों ने गंगा में राफ्टिंग का लुत्फ उठाया।

तीर्थनगरी ऋषिकेश में बड़ी संख्या में पर्यटक गंगा में रिवर राफ्टिग के लिए पहुंचते हैं। इस वर्ष कोरोना की दूसरी लहर के प्रकोप के कारण अप्रैल में राफ्टिंग पर ब्रेक लग गया था। इसके बाद मानसून के कारण गंगा का जलस्तर सितंबर में भी राफ्टिंग के अनुकूल नहीं हो पाया। जिसके बाद 20 अप्रैल से पर्यटन विभाग ने तकनीकी समिति की रिपोर्ट के बाद गंगा में रिवर राफ्टिंग के लिए अनुमति प्रदान की थी। पिछले पांच दिनों से गंगा के कौडियाला-मुनिकीरेती इको टूरिज्म जोन में ब्रह्मपुरी से मुनिकीरेती के खारास्त्रोत तक राफ्टिंग की जा रही है। राफ्टिंग खुलने के बाद यह इस सत्र का पहला सप्ताहांत रहा। शनिवार को बड़ी संख्या में पर्यटक राफ्टिंग के लिए यहां पहुंचे। सुबह से ही गंगा में रंग-बिरंगी राफ्टें गंगा की लहरों पर उतर गई थी। पूरे दिन पर्यटकों ने गंगा में रिवर राफ्टिंग का लुत्फ उठाया। वहीं पर्यटकों की आमद से मुनिकीरेती, ऋषिकेश, तपोवन आदि क्षेत्रों में वाहनों का दबाव बढ़ने से सड़कों पर जाम की स्थिति भी बनी रही। गंगा नदी राफ्टिंग रोटेशन समिति के अध्यक्ष दिनेश भट्ट ने बताया कि शनिवार को सप्ताहांत पर अच्छी संख्या में पर्यटक राफ्टिंग के लिए पहुंचे। उन्होंने बताया कि शनिवार को करीब 80 राफ्टों के जरिये 650 से अधिक पर्यटकों ने गंगा में रिवर राफ्टिंग का लुत्फ उठाया। जिससे व्यवसायियों के चेहरों पर भी रौनक लौट आई है। राफ्टिंग व्यवसायी धर्मेंद्र नेगी ने बताया कि लंबे अंतराल के बाद इस सप्ताहंत पर राफ्टिंग व कैंपिग के लिए अच्छी संख्या पर्यटक पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि शिवपुरी, नीरगड्डू व हेंवल घाटी में सप्ताहांत पर लगभग सभी कैंप, रिसार्ट और होटलों में पर्यटक पहुंचे हैं। कई कैंप तो दिन में ही फुल हो गए थे। उन्होंने बताया कि रविवार को भी राफ्टिग व कैंपिग के लिए अच्छा रिस्पांस है।

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