जागरण संवाददाता, हरिद्वार: उत्तराखंड कार्मिक, शिक्षक, आउटसोर्स संयुक्त मोर्चे ने सरकार को 45 दिन की मोहलत दी है। अगर इस अवधि में मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन का एलान कर दिया जाएगा। यह निर्णय शुक्रवार को हरिद्वार के गुरुकुल कांगड़ी कैंपस में हुई संयोजक मंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया।

दरअसल, 24 मई को मोर्चे के प्रतिनिधि मंडल की मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से वार्ता हुई थी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय कमेटी का गठन कर दिया गया है, जो 45 दिन में रिपोर्ट देगी। बता दें कि मोर्चे ने 18 मई को सामूहिक अवकाश लेकर प्रदेशभर में धरना प्रदर्शन किया था। साथ ही 29 जून को मुख्यमंत्री आवास घेराव का फैसला लिया था। लेकिन, अब रणनीति को बदल दिया है।

मोर्चे के मुख्य संयोजक ठाकुर प्रह्लाद सिंह ने बैठक में मुख्यमंत्री और शासन के अफसरों से हुई वार्ता के बिंदुओं को रखा। कहा कि मुख्यमंत्री के साथ सभी मांगों पर चर्चा हुई। भरोसा दिया है कि कार्मिकों को जो सुविधा पहले मिल रही थी, उन्हें छीना नहीं जाएगा। अन्य मांगों पर भी सकारात्मक निर्णय होंगे। मुख्यमंत्री का रुख सकारात्मक है। सर्वसम्मति से निर्णय हुआ कि ऐसे में कमेटी की रिपोर्ट आने तक कार्मिकों को इंतजार करना चाहिए। लेकिन, अगर पहले की तरह कोई कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। क्योंकि, लंबे समय कार्मिक अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो कार्मिकों के तमाम परिसंघ एकजुट हुए। बैठक में मोर्चे के प्रदेश स्तरीय, जिलास्तरीय संयोजक मंडल के सदस्य व मोर्चे में शामिल विभिन्न परिसंघों व घटक संघों के प्रांतीय पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक का संचालन संयोजक रवि पचौरी ने किया।

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मोर्चे की प्रमुख मांगें

-सातवें वेतनमान की संस्तुति के आधार पर समस्त भत्तों और डीए का एरियर के साथ मिले।

-राज्य, निगम, निकाय कर्मचारी और शिक्षकों को पदोन्नत वेतनमान 10, 16, 26 वर्ष की सेवा पर मिले।

-बिजली कार्मिकों को पदोन्नत वेतनमान 9, 14, 19 वर्ष की सेवा पर मिले।

-उपनल समेत तमाम आउट सोर्स कर्मचारियों को पद के सापेक्ष नियमित किया जाए। तब तक समान कार्य के लिए समान वेतन मिले। साथ ही आउटसोर्स कर्मचारियों संबंध में 27 अप्रैल को जारी शासनादेश निरस्त हो।

-मुख्य सचिव की अध्यक्षता में वेतन विसंगतियों का निस्तारण हो।

-चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को पदोन्नत वेतनमान में 4200 ग्रेड पे मिले।

-पुरानी पेंशन नीति को ही बहाल किया जाए।

-यू-हेल्थ स्मार्ट कार्ड का लाभ सभी कर्मचारियों, शिक्षकों, निगम-निकाय कर्मचारियों, प्राधिकरण, आउटसोर्स कर्मचारियों को एक समान रूप से मिले।

-जिला पंचायत कार्मिकों को राज्य कर्मचारी घोषित किया जाए।

-50 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी महिला कार्मिकों स्थानांतरण नियमावली से अलग किया जाए।

-कर्मचारियों और शिक्षकों को सेवाकाल में तीन पदोन्नतियां दी जाएं।

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Posted By: Jagran

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