संवाद सूत्र, रायवाला: मोतीचूर फाटक के दोनों तरफ खाई खोद कर पुराने हाईवे बंद कर देने से दूसरे दिन भी स्थानीय लोग व राहगीरों की खूब फजीहत हुई। रास्ता बंद होने की जानकारी न होने से कई लोग यहां से आवाजाही करते रहे, लेकिन फाटक के पास रास्ता बंद देखकर वापस लौटना पड़ा।

हरिद्वार की तरफ से आने वालों को फ्लाईओवर पर पहुंचने के लिए शांतिकुंज के पास और रायवाला की तरफ से आने वालों को तीन किलोमीटर वापस लाल बत्ती तक जाना पड़ा। सबसे ज्यादा दिक्कत हरिपुरकलां से केंद्रीय विद्यालय रायवाला, आर्मी स्कूल, राइंका रायवाला, भागीरथी विद्यालय, एएनडी स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों को उठानी पड़ी। बच्चों के लिए साइकिल और आटो-विक्रम से आने-जाने का रास्ता ही बंद हो गया है।

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क्या हाईवे और फ्लाईओवर का डिजाइन बनाने वालों को 30 हजार की आबादी वाला गांव नहीं दिखाई दिया। हाईवे प्राधिकरण के अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा जनता भुगत रही है, इसका तत्काल समाधान किया जाना जरूरी है।

- चंद्रकांता बेलवाल, स्थानीय निवासी

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हम पहले ही महंगाई की परेशानी झेल रहे हैं। सड़क बंद होने से काम धंधे सब ठप हो गए हैं। रायवाला तक जाने का रास्ता नहीं रहा। दुकानों में सामान नहीं पहुंच रहा है। भवन निर्माण सामग्री कहां से लाएं जब सड़क ही बंद हो गई है।

- अशोक रयाल, भवन निर्माण कान्ट्रेक्टर हरिपुरकलां

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गांव के ज्यादातर बच्चे रायवाला और ऋषिकेश पढ़ने जाते हैं। बस स्टाप है नहीं। टेंपू के लिए शांतिकुंज जाना पड़ेगा। फ्लाइओवर पर चढ़ने को सीढियां बनी लेकिन खतरे की वजह से गाड़ियां नहीं रुकती। इसमे तो पूरा दिन आने-जाने में ही लग जायेगा।

- सौरभ पुंडीर, मोतीचूर निवासी

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चुने हुए प्रतिनिधियों ने हरिपुरकलां की जनता के साथ छल किया है, पहले समस्या के समाधान का भरोसा दिया, झूठ बोलकर आंदोलन समाप्त कराया और फिर विधानसभा चुनाव समाप्त होते ही सड़क बंद कर दी गई। अब जनता के साथ खड़े होने के बजाये मौन साधे हुए हैं।

- विक्रांत भारद्वाज, हरिपुरकलां निवासी

Edited By: Jagran