संवाद सहयोगी, कर्णप्रयाग/नारायणबगड़: कर्णप्रयाग-ग्वालदम राष्ट्रीय राजमार्ग पर रविवार दोपहर बाद बगोली के समीप कार पर बोल्डर गिरने से देहरादून से उपचार कराकर लौट रही दंपती की मौत हो गई। घटना के बाद मैटा-मल्ला गांव में शोक की लहर दौड़ गई। घर में वृद्ध माता-पिता और स्वजन का रो-रोकर बुरा हाल है।

थराली के मैटा-मल्ला गांव निवासी बलवीर सिंह (45) पत्नी सावित्री देेवी (42) को उपचार के लिए देहरादून लेकर आए थे। रविवार को वह निजी कार से अपने गांव लौट रहे थे। दोपहर बाद करीब साढ़े चार बजे कर्णप्रयाग-ग्वालदम राजमार्ग पर बगोली के समीप शिव मंदिर से गुजरते समय एकाएक पहाड़ी से भरभराकर विशालकाय बोल्डर वाहन पर जा गिरा, जिसके नीचे दंपती दब गए।

सूचना पर थाना कर्णप्रयाग के सीओ अमित कुमार एवं एसएसआइ देवेंद्र पंत पुलिस बल और आकस्मिक सेवा वाहन सहित मौके पर पहुंचे और स्थानीय निवासियों की मदद से बोल्डर की जद में आए वाहन से दंपती को निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। सीओ कर्णप्रयाग अमित कुमार ने बताया कि बलवीर की गांव में सरकारी सस्ते-गल्ले की दुकान है, जबकि उनकी पत्नी आंगनबाड़ी में कार्यरत थीं। बलबीर सिंह के दोनों बच्चे देहरादून में पढ़ रहे हैं।

सीओ ने बताया कि दंपती के शवों को पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम के लिए उपजिला चिकित्सालय कर्णप्रयाग भेज दिया गया, जबकि दंपती की मौत की सूचना स्वजन को भी दे दी गई।

सड़क चौड़ीकरण बना मौत का कारण

कर्णप्रयाग-ग्वालदम राष्ट्रीय राजमार्ग पर करीब छह माह से सड़क चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है। इसके चलते हल्की वर्षा या हवा चलने पर ही पहाड़ी से पत्थर गिरने लगते हैं। रविवार को भी सड़क चौड़ीकरण के दौरान पहाड़ी से गिरे बोल्डर की चपेट में आने से पति-पत्नी की दबकर मौत हो गयी। ग्रामीण हरेंद्र सिंह, केशर सिंह और नरेंद्र सिंह ने कहा कि भले ही मार्ग चौड़ीकरण से आवागमन सुगम हुआ हो, लेकिन पहाड़ी से गिरते पत्थर कब हादसे का कारण बन जाएं, कहा नहीं जा सकता।

Edited By: Sumit Kumar