जागरण संवाददाता, ऋषिकेश : जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम ने एटीएम क्लोनिग कर करीब साढ़े चार लाख रुपए की धनराशि खाते से निकाले जाने के मामले में बैंक को दोषी मनाते हुए खाताधारक को उक्त रकम क्षतिपूर्ति व वाद व्यय सहित लौटाने के आदेश दिए हैं।

इस संबंध में लकड़ घाट श्यामपुर ऋषिकेश निवासी ऋषिपाल ने प्रबंधक पंजाब एंड सिध बैंक बाईपास मार्ग श्यामपुर व पंजाब सिध बैंक मुख्यालय नई दिल्ली के खिलाफ जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम में वाद दायर किया था। उन्होंने अवगत कराया कि पंजाब एंड सिध बैंक की श्यामपुर बाईपास स्थित शाखा में उनका बचत खाता है। 19 सितंबर 2016 को जब उन्होंने अपने बैंक की पासबुक अपडेट कराई तो पता चला कि उनके खाते में मात्र 64 रुपये 53 पैसे शेष हैं। जबकि उनके खाते से चार अगस्त 2016 से पांच सितंबर 2016 के बीच अलग-अलग तिथियों में चार लाख 49 हजार 397 रुपये की निकासी की गई। खाताधारक ऋषि पाल ने बताया कि उन्होंने अपने बैंक खाते पर एटीएम और डेबिट कार्ड की सुविधा ली थी। जबकि इस खाते को उन्होंने कभी ऑनलाइन बैंकिग के रूप में प्रयोग नहीं किया। वह एटीएम और डेबिट कार्ड को भी पूरी सावधानी के साथ संचालित करते आए हैं। बावजूद इसके उनके एटीएम के माध्यम से इतनी बड़ी धनराशि निकाल दी गई। इस मामले में उन्होंने ऋषिकेश कोतवाली में भी मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस जांच में इस बात की पुष्टि हुई कि खाताधारक ने अपने खाते के संचालन में कोई गलती नहीं की बल्कि उनके एटीएम की क्लोनिग कर यह रकम अलग-अलग तिथियों में निकाली गई। इस मामले को लेकर खाताधारक ऋषि पाल ने बैंक अधिकारियों से लेकर बैंकिग लोकपाल वह प्रधानमंत्री कार्यालय तक शिकायत की। मगर, कोई सुनवाई नहीं हो पाई। इस मामले में वह जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम में गए तो 26 जून 2018 को उनके वाद को स्वीकार किया गया। परिवादी पक्ष के अधिवक्ता तनुज कुमार सिंह ने बताया कि इस मामले में 15 फरवरी 2020 को जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह दुग्ताल व सदस्य विमल प्रकाश नैथानी ने सुनवाई की। उन्होंने पूरे मामले में बैंक को दोषी पाते हुए पंजाब एंड सिध बैंक श्यामपुर बाईपास के शाखा प्रबंधक व पंजाब एंड सिध बैंक मुख्यालय को संयुक्त रूप से वादी ऋषिपाल को चार लाख 49 हजार 397 रुपये, क्षतिपूर्ति के रूप में 20 हजार रुपये व वाद व्यय के रूप में पांच हजार रुपये का भुगतान 30 दिन के भीतर करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उपभोक्ता फोरम ने तय समय पर यह रकम अदा न किए जाने की दशा में वाद दायर होने की तिथि से लेकर भुगतान तक नौ प्रतिशत साधारण वार्षिक ब्याज की दर से भुगतान करने के लिए आदेशित किया है।

Posted By: Jagran

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